संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज की यमुनानगर वर्कशॉप में चार साल से लोहार का पद खाली पड़ा है। लोहार न होने से टूटी-फूटी बसों को ठीक करने में काफी परेशानी हो रही है। लोहार न होने से यह सारा काम वर्कशॉप में कार्यरत हेल्परों, ग्रुप डी के तहत लगे कर्मचारियों के अलावा अप्रेंटिस कर रहे युवाओं को करना पड़ रहा है। हालांकि यह काम उनका नहीं है, लेकिन बसों का संचालन बंद न हो इसलिए मजबूरी में उन्हें यह काम करना पड़ रहा है।
डिपो में बनी वर्कशॉप में कई वर्षों से कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। इस दौरान जो कर्मचारी थे उनमें से भी कई रिटायर हो गए, जिससे वर्कशॉप में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई। कर्मचारियों की कमी होने की वजह से बसों की रिपेयरिंग का काम समय से नहीं हो पा रहा है और कई रूट प्रभावित हो रहे हैं। रोडवेज की बसें समय-समय पर दुर्घटना का शिकार होती रहती हैं।
कई हादसों में तो बसें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। ऐसी बसों को केवल लोहार ही ठीक कर पाता है, क्योंकि उन्हें ऐसी बसों को ठीक करने का अनुभव होता है। चार साल पहले तक एक लोहार वर्कशॉप में होता था, लेकिन सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति मिलने के बाद अब वह भी नहीं हैं।
दूसरे कर्मचारी लोहार का काम सफाई से नहीं कर पाते इसलिए जितना उनसे हो पाता है वह कर देते हैं। जो कमी रह जाती है उसे पेंट आदि करके छिपा दिया जाता है। लोहार के अलावा वर्कशॉप में हेल्पर, फायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, असिस्टेंट मैकेनिक व अन्य कई कैटेगरी के कर्मचारी न के बराबर हैं। जिसके चलते काम प्रभावित हो रहा है।
दूसरे कर्मचारियों ने चला रखा है काम : महिपाल
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान महिपाल सोडे ने बताया कि इस वक्त रोडवेज बसें धक्के से चल रही हैं। सरकार का ध्यान स्टाफ की तरफ बिल्कुल भी नहीं है। कोई भर्ती नहीं हो रही। रोडवेज वर्कशॉप में लोहार तो दूर की बात है अन्य स्टाफ भी नहीं है। यह तो अप्रेंटिस कर रहे युवाओं व ग्रुप डी में लगे कर्मचारियों ने किसी तरह काम चला रखा है। यदि यह कर्मचारी भी न हो तो वर्कशॉप पर ताला लगाने की नौबत आ जाएगी।
रोडवेज वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी है। काम को किसी तरह से प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है। खाली पद भरने के लिए मुख्यालय लिखा है। जल्द ही कमी पूरी हो जाएगी। - महेश कुमार, मैनेजर, रोडवेज वर्कशाॅप यमुनानगर।