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Yamuna Nagar News: बिहार से चावल की फर्जी खरीद होने की आशंका

Sat, 06 Dec 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राइस मिल जांच करते कर्मचारी। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले की सात राइस मिलों में हुए 75 करोड़ रुपये के धान गबन मामले में गिरफ्तार राइस मिलर संदीप सिंगला को एसआईटी निशानदेही के लिए बिहार लेकर गई है। जहां उन व्यापारियों और एजेंसियों की जांच की जा रही है जिनसे एफसीआई को सप्लाई करने के लिए चावल खरीदने की बात चल रही थी। यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिन व्यापारियों के नाम बताए हैं, वे वास्तविकता में मौजूद ही नहीं हैं।
संभावना है कि पूरा गबन केवल कागजों पर चलाया गया। अनाज मंडियों से खरीदा गया धान राइस मिलों से कहां और किसे बेचा गया इसका खुलासा पुलिस ने अभी तक नहीं किया है। बिहार से लौटने के बाद मिलर से दोबारा पूछताछ की जाएगी। एसआईटी शनिवार को उन्हें वापस लेकर आ सकती है।
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एसआईटी की ओर से बिहार में की जा रही जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या चावल आपूर्ति का इस गबन से कोई संबंध है भी या नहीं। टीम स्थानीय व्यापारियों, एजेंसियों और रिकॉर्ड कार्यालयों से जानकारी जुटा रही है। गबन का यह मामला काफी बड़ा है और इसमें अकेले किसी एक व्यक्ति की भूमिका से अधिक लोगों की मिलीभगत की आशंका है।
जांच पूरी होने के बाद और भी लोगों पर शिकंजा कसने की संभावना है। उधर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से जो रिकॉर्ड जांच के लिए मांगा गया था वह पुलिस को सौंप दिया गया है। इस मामले में विभाग के तीनों इंस्पेक्टरों पर गाज गिरना तय है। डीएफएससी जतिन मित्तल की तरफ से तीनों इंस्पेक्टरों पर कार्रवाई के लिए मुख्यालय में लिखा गया है। ऐसे में जल्द ही उन्हें चार्जशीट किया जा सकता है। लोग अब यह जानने के इंतजार में हैं कि इस करोड़ों रुपये के धान घोटाले में और कौन-कौन शामिल है।
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एसआईटी उन सभी कारोबारी फर्मों की सत्यता की जांच कर रही है जिनके नाम आरोपी ने बताए हैं। जल्द ही मामले में कई अहम खुलासे सामने आएंगे। कई कड़ियां एक-दूसरे से मिल रही हैं, जिन्हें पुख्ता करने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। - राजकुमार, इंचार्ज, सीआईए-वन।
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