संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अमेरिका ने अवैध रूप से प्रवास कर रहे भारतीयों को वापस भेजा है। इससे यह मामला एक बार फिर से चर्चाओं में आ गया है। विदेश में नौकरी और पैसे के सपने दिखाकर युवाओं के अरमानों को को लूटा जा रहा है।
पिछले कुछ समय से विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले तेजी से बढ़े हैं। यमुनानगर में वर्ष 2019 से 2024 तक 217 केस दर्ज किए जा चुके हैं। युवाओं में विदेश में नौकरी का क्रेज बढ़ा है। पंजाब के बाद हरियाणा के युवा विदेश में जाकर नौकरी करने को अधिक तवज्जो देते हैं। यमुनानगर भी इस मामले में हरियाणा के टॉप फाइव जिलों में शामिल है।
यमुनानगर से बड़ी संख्या में लोग विदेशों में नौकरी कर रहे हैं। जिस कारण ऐसे युवाओं की संख्या अधिक है जो विदेश में नौकरी कर पैसा कमाने का सपना देखते हैं। पुलिस की सिक्योरिटी ब्रांच में आए दिन 100 से अधिक आवेदन वेरिफिकेशन के लिए आते हैं।
युवाओं के क्रेज को देखते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंट भी सक्रिय हैं। डंकी के माध्यम से विदेशी यात्रा करने के मामले में यमुनानगर पांचवें स्थान पर है। पुलिस रिकार्ड की माने तो यमुनानगर में विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े के 217 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
सबसे अधिक केस 2023 व 2024 में ही दर्ज हुए हैं। युवाओं को विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर लूटा जा रहा है। विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामलों एजेंट 30 से 50 लाख रुपये तक का फर्जीवाड़ा करते हैं। कई बार यह रकम 70 लाख रुपये तक भी पहुंच जाती है। अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में भेजने के अलग-अलग रेट हैं। सबसे अधिक खर्च अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के लिए आता है।
सख्त कार्रवाई न होने से बढ़ रहा हौसला
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जाता है। कई बार वादी ही समझौता कर लेता है। वहीं पुलिस भी एजेंटों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करती। इससे एजेंटों का हौसला भी बढ़ जाता है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 में 72 और 2024 में 87 मामले दर्ज किए गए।