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Yamuna Nagar News: शहर में नालों की सफाई का लगा काम

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यमुनानगर। आखिरकार शहर के नालों की सफाई का काम शुरू हो गया है। हालांकि नगर निगम अफसरों ने 11-11 वार्ड के जोन बांट दोनों के अलग-अलग टेंडर लगाकर 1.42 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया था। किंतु दोनों जोन में 1.41 करोड़ 59 हजार रुपये के खर्च पर अलग-अलग एजेंसियों को टेंडर अलॉट हुआ है। इनमें जोन एक (वार्ड-1 से 11) में 64.84 लाख व जोन दो (वार्ड-12 से 22) में 76.75 लाख रुपये का ठेका दिया है। बता दें कि दोनों जोन के 104 नालों की सफाई के लिए चार मई को टेंडर लगाया गया था। इसमें जोन एक में 1 से 11 वार्ड के 61 नालों की सफाई का 65.87 लाख रुपये खर्च का अनुमान था। ऐसे ही जोन-2 में 12 से 22 वार्ड के 43 नालों की सफाई का 76.75 लाख रुपये खर्च अनुमानित था।

प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
गत वर्ष भी नालों की सफाई मानसून सिर पर आने पर हुई और नतीजा ये रहा कि इस काम पर सवा करोड़ खर्च के बाद भी नाले ओवरफ्लो होकर आसपास जलभराव की वजह बने। इस बार भी इस काम में देरी होने पर हमने मुद्दा उठाया। मामले में वार्ड पार्षदों व शहर के लोगों की आवाज नगर निगम प्रशासन तक पहुचाई। इसके बाद अब जाकर नालों की सफाई का काम टेंडर के जरिए दोनों जोन में एजेंसियों से शुरू करवा दिया गया है। नालों की सफाई के कार्य का मेयर मदन चौहान व अतिरिक्त निगमायुक्त धीरज कुमार ने पार्षद संजीव कुमार व सफाई निरीक्षकों के साथ जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी नालों की सफाई गहनता से कराने के निर्देश दिए।
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वार्ड पार्षदों की निगरानी में हो काम
वार्ड तीन से पार्षद हरमीन कोहली, चार से हरमीन कोहली, सात से रामआसरा भारद्वाज, तेरह से निर्मल चौहान ने मांग की कि नालों की सफाई का काम हर वार्ड में संबंधित वार्ड के पार्षद की निगरानी में कराया जाए। क्योंकि वार्ड के पार्षद को पता होता है कि मानसून के दिनों में सबसे ज्यादा दिक्कत कहां पर होती है। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर नगर निगम आयुक्त से मिलेंगे।
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