संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। समाजसेवा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रही है। इसी कड़ी में महिला-स्नेह सेवा ट्रस्ट की संचालिका ममता सैन आज क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। वर्ष 2022 में शुरू किए गए इस ट्रस्ट ने कम समय में ही जरूरतमंदों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली है।
ममता ने ट्रस्ट की स्थापना समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के उद्देश्य से की थी। आज ट्रस्ट हर महीने करीब 20 जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध करवा रहा है, जिससे कई घरों का चूल्हा जल रहा है। इसके साथ ही ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंद बच्चों को स्कूल की किताबें, कॉपियां और वर्दी भी वितरित की जा रही हैं, ताकि आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
सामाजिक सरोकारों के तहत ट्रस्ट अब तक सात गरीब परिवारों की बेटियों की शादी भी करवा चुका है। इसके अलावा 12 से अधिक स्वास्थ्य शिविर और दो रक्तदान शिविर आयोजित कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया है। नारी गौरव सम्मान समारोह के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
ट्रस्ट की ओर से सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 50 से अधिक वाहन चालकों को हेलमेट भी वितरित किए जा चुके हैं। वहीं, मानवता की मिसाल पेश करते हुए चंडीगढ़ पीजीआई में एक जरूरतमंद मरीज के ऑपरेशन के लिए डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई और ट्रस्ट की तरफ से भंडारों का भी आयोजन किया जाता है।
श्रीमद्भागवत कथा का भी आयोजनों के साथ साथ निशुल्क कीर्तन भी करवाए जाते हैं। स्नेह सेवा ट्रस्ट नगर निगम के साथ मिलकर सफाई अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है। ट्रस्ट से जुड़े सदस्य रिंकल ओबेरॉय, ऐश्वर्या, ललित मोहन, पवन नारंग, दीपिका, मीनाक्षी, विभा शर्मा, राज सरगम, राजकुमार, सुरेंद्र भाटिया, ज्योति तलवाड़, मीनू, कविता, मुक्ता, अतुल ग्रोवर और मदन इस सामाजिक अभियान को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे रहे हैं।
ममता सैन का कहना है कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो वे हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार आगे आ रही हैं और समाज में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।