संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में जनसहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम ने वार्ड 10 स्थित गीता पब्लिक स्कूल में कबाड़ से कमाल विषय पर गतिविधि का आयोजन किया गया। वहीं लेबर कॉलोनी स्थित राजकीय प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय नंबर नौ में आरआरआर (रिड्यूस, रियूस रिसाइकल) के सिद्धांत-टू रियूस (दोबारा उपयोग) पर आधारित गतिविधि आयोजित की गई।
कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों ने घरेलू कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री से आकर्षक, उपयोगी और सुंदर आर्ट व क्राफ्ट तैयार कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। बच्चों ने यह साबित कर दिया कि यदि सोच रचनात्मक हो तो कबाड़ से भी कमाल किया जा सकता है। इस अवसर पर नगर निगम की ओर से आए आईईसी एक्सपर्ट दुर्गेश ने विद्यार्थियों को आरआरआर की अवधारणा को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। कचरे का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो वह संसाधन बन सकता है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि अनावश्यक कचरे को कम करना, उपयोगी वस्तुओं को दोबारा इस्तेमाल करना और शेष कचरे का पुनर्चक्रण करना ही स्वच्छ शहर और स्वच्छ भविष्य की कुंजी है। बच्चों ने इस जानकारी को न केवल ध्यान से सुना बल्कि अपने बनाए गए मॉडलों के माध्यम से इसे व्यवहार में भी उतारा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुराने कागज, प्लास्टिक बोतलें, टिन के डिब्बे, कार्डबोर्ड, बोतलों के ढक्कन और अन्य कबाड़ सामग्री से पेन स्टैंड, फूलदान, सजावटी शोपीस, मॉडल और उपयोगी घरेलू वस्तुएं तैयार की। इन रचनाओं में बच्चों की कल्पनाशीलता और पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच साफ झलक रही थी।