संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बुधवार शाम आई तेज आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसका सीधा असर आम के उत्पादन पर पड़ना तय है। आंधी से आम के बाग में बौर से बना फल पेड़ों से गिर गया। एक माह में यह दूसरी बार है जब आंधी ने आम उत्पादकों को नुकसान पहुंचाया है।
इससे पहले अप्रैल माह में आंधी की वजह से पेड़ों पर आया बौर झड़ गया था। इससे आम के उत्पादन पर विपरीस असर पड़ेगा। जिससे लोगों को आम का स्वाद चखने के लिए अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ सकती है, क्योंकि उत्पादन कम होने से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी भी होना तय है।
आम उत्पादन में यमुनानगर प्रदेश में नंबर एक पर है। जिले में आम का रकबा 6000 हेक्टेयर पर है। इनमें सालाना आम का उत्पादन करीब 70 हजार मीट्रिक टन है। लगभग 1450 किसानों ने आम के बाग लगा रखे हैं। आम्रपाली, मल्लिका, दशहरी, लंगड़ा, चौसा व रामकेला जैसी खास किस्में जिले के बागानों का हिस्सा हैं। आंधी के अलावा इस बार आम को मैंगो हॉपर कीट ने भी काफी नुकसान पहुंचाया है।
यह कीट पेड़ों की टहनी को चूस कर सूखा देता है। इससे इस बार पेड़ों पर 55 प्रतिशत तक फल आया ही नहीं। रही सही कसर दो बार आई आंधी ने पूरी कर दी। जिस उम्मीद के साथ उद्यान विभाग उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहा था उसको आफत की आंधी ने मटियामेट कर दिया। कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि लागत भी निकलने की उम्मीद नहीं बची है। बूड़िया के अलावा छछरौली व प्रतापनगर में आम के बागों की संख्या अधिक है।
आम उत्पादन में यमुनानगर प्रदेश में एक नंबर पर है। परंतु इस बार आंधी व मैंगो हॉपर कीट के प्रकोप के चलते आम को काफी नुकसान हुआ है। पिछले माह आई आंधी से पेड़ों पर आया बौर झड़ गया था और अब फल जमीन पर गिर गया है। - डॉ. कृष्ण कुमार सोलंकी, जिला बागवानी अधिकारी यमुनानगर।