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Yamuna Nagar News: निगम में आने के बाद भी नहीं बदले हालात

Fri, 28 Feb 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर से सटा कांसापुर कभी गांव हुआ करता था। समय के साथ आबादी के साथ रिहायशी क्षेत्र भी बढ़ता रहा। निगम कार्यालय से मात्र चार किलोमीटर दूर है। बदलाव के साथ यह गांव नगर निगम में शामिल हो गया। नगर निगम में शामिल होने से लोगों में काफी उत्साह था कि अब क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ेगी। परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ।
अब भी यह क्षेत्र अन्य वार्ड से काफी पिछड़ा हुआ है। वार्ड में मूल सुविधाओं का भारी आभाव है। कई कॉलोनियों की गलियां कच्ची हैं। सीवर लाइन बिछाई गई है, लेकिन पूरी तरह चालू नहीं हो पाई है। नालियों का विस्तार नहीं हो पाया है, जिस कारण गंदा पानी गलियों में बहता है।
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घरों के गंदे पानी की निकासी कॉलोनी के खाली प्लाटों में होती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होकर उन्हें खुशी हुई थी, कि अब क्षेत्र में सुविधाएं मिलेंगी। परंतु हालात पहले से बेहतर हो गए हैं। केवल लोगाें से टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधा बिल्कुल नहीं है। यह शहर का बड़ा वार्ड है, जिसमें आबादी भी काफी है।
स्थानीय के साथ यहां बड़ी संख्या में प्रवासी भी रहते हैं। लोगों का कहना है कि यहां न तो अधिकारी आते हैं और न ही जनप्रतिनिधि आते हैं। लोगों ने बताया कि सफाई व गंदे पानी की निकासी भी यहां के लोगों की बड़ी समस्या है। डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए यहां टिपर नहीं आते हैं। खुले व खाली प्लाटों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जहां नालियां हैं, वहां सफाई नहीं होती है।
यह क्षेत्र शहर के अन्य वार्ड से पिछड़ा हुआ है। इस क्षेत्र की अधिकांश कॉलोनी की गलियां कच्ची हैं। सीवरेज हैं, लेकिन व्यवस्था ठीक नहीं है। नालियां नहीं है और गंदा पानी गलियों में बहता है। कभी कांसापुर गांव हुआ करता था, लेकिन शहर से बिल्कुल सटा हुआ था। धीरे-धीरे आबादी बढ़ने के साथ यह शहर में शामिल हो गया। अब यह नगर निगम का बड़ा वार्ड है।


वार्ड नंबर 21 में संख्या 317 से 337 तक कुल 21 मतदान केंद्र हैं। इस वार्ड की आबादी करीब 25 हजार से ज्यादा है। जिसमें से कुल 16898 मतदाता हैं। इन में पुरुषों की कुल संख्या 8893 हैं। जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 7955 है। इस क्षेत्र में शहर की बड़ी आबादी रहती है।
स्थानीय निवासी के साथ इस क्षेत्र में प्रवासियों की संख्या भी अधिक है। इस वार्ड से भाजपा से मंजीत कौर, कांग्रेस से रानी देवी, जसविंद्र, रजनी, करमो देवी, खुशबू और अनुराधा चुनावी मैदान में हैं। इस वार्ड से ही सबसे ज्यादा से प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।

नई वार्डबंदी के बाद क्षेत्र

नई वार्ड बंदी के बाद वार्ड 21 में कांसापुर, कांसली बांस, शिवपुरी ए, गीता कॉलोनी, कांसापुर कॉलोनी, न्यू गीता कॉलोनी, रामनगर, कमलापुरी, मायापुरी का क्षेत्र शामिल है।

स्ट्रीट लाइटें खराब


शिवपुरी के कर्मा ने बताया कि क्षेत्र की कई कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट नहीं है। जहां लाइट लगी है उसमें से अधिकांश खराब हैं। बिजली के खंभे भी व्यवस्थित नहीं हैं। गलियों में बिजली के तार के जाल झूल रहे हैं। जिससे हादसों का डर बना रहता है। अधिकारी उनके क्षेत्र में आते नहीं हैं। सफाई कर्मचारी भी कभी कभी आते हैं और खाली प्लॉट लोगों के लिए परेशानी बने हैं। निकासी का स्थायी प्रबंध न होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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रोज नहीं होती सफाई



शिवपुरी के पंकज ने बताया कि क्षेत्र में निकासी की भारी समस्या है। नियमित सफाई न होने से गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कई कॉलोनियों की गलियां अभी भी कच्ची हैं। कच्ची गलियां उबड़ खाबड़ होने के कारण लोगों का चलना भी मुश्किल है। डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए टिपर नहीं आते हैं। जाम नालियों का पानी गलियों में बहता है। सीवरेज के कहीं कहीं ढक्कन भी टूटे हैं। खाली प्लॉट में गंदगी फैली हुई है। सफाई कर्मचारी कभी कभी गली में आते हैं।
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