संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सिटी मॉल और रेलवे रोड स्थित वरयाम सिंह अस्पताल में फायरिंग करने के तीनों आरोपी गलत जानकारी देकर भटकाने की कोशिश करते रहे। मुख्य आरोपी गुरलाल ने खुद को कुरुक्षेत्र का निवासी बताया था। जांच में वह पंजाब के समाना का रहने वाला निकला। करनाल जिले के तरावड़ी निवासी नितिन और सागर ने खुद को नाबालिग बताया, जांच में दोनों बालिग पाए गए।
इन खुलासों के बाद पुलिस अब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तैयारी में है। पूरी वारदात विदेश में बैठे भगोड़े बदमाशों के इशारे पर अंजाम दी गई। आरोपियों को रंगदारी से जुड़े मामले में दहशत फैलाने के लिए तैयार किया गया था। मुठभेड़ में घायल होने के बाद सिविल अस्पताल से वीरवार रात छुट्टी मिलने पर तीनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
रिमांड के दौरान पूरे नेटवर्क, हथियार सप्लाई और विदेश में बैठे सरगनाओं से कनेक्शन की परतें खोली जाएंगी। अभी तक की पूछताछ में सामने आया है कि तीनों आरोपी फेसबुक व इंस्टाग्राम के माध्यम से विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों के संपर्क में आए थे।
सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो और रील डालकर वे लग्जरी लाइफ स्टाइल दिखाने की कोशिश करते थे, जिसके जरिए गैंगस्टरों के नेटवर्क ने उन्हें चिन्हित किया और झांसे में लेकर वारदात को अंजाम दिलवाया। मुख्य आरोपी गुरलाल उर्फ गोरा, जो 12वीं करने के बाद आइलेट कर चुका है, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। वहीं सागर उर्फ प्रवीण और नितिन उर्फ खोपा भी फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर खुद को प्रभावशाली दिखाने की कोशिश करते थे। पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे कुख्यात अपराधी ऐसे युवकों की प्रोफाइल खंगालते हैं जो लग्जरी जीवनशैली से प्रभावित हों और जल्दी पैसा कमाने की चाह रखते हों।
इसी कड़ी में तीनों से संपर्क किया गया। उन्हें महंगी गाड़ियां, पैसा और विदेश में बसाने जैसे सपने दिखाए गए। धीरे-धीरे उन्हें रंगदारी से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बना लिया गया। पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया अब अपराधियों के लिए भर्ती का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। पुलिस के अनुसार अब तीनों हमलावरों को अपनी इस गलती का पछतावा हो रहा है कि वह किसी के बहकावे में आ गए।
मुठभेड़ में दो को लगी थी गोली, एक बाइक से गिरकर हुआ था घायल
एएसपी अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को थाना फर्कपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि गत शनिवार रात करीब 11 बजे बाइक सवार तीनों हमलावरों ने पहले रेलवे रोड स्थित निजी अस्पताल में घुसकर 13-14 राउंड फायरिंग की। इसके बाद सिटी मॉल के बाहर भी गोलियां चलाई गईं और गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी गई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। वारदात के बाद पुलिस ने शहर में नाकाबंदी कर दी। रविवार सुबह गांव सुढैल के पास मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों ओर से करीब 25-30 राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश गुरलाल और नितिन घायल हो गए, जबकि तीसरा आरोपी सागर बाइक से गिरकर घायल हो गया। सीआईए-टू इंचार्ज राकेश और सीआईए-वन इंचार्ज राजकुमार को भी गोलियां लगीं, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण उनकी जान बच गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल और चार-चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल डेटा की फॉरेंसिक जांच कर सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड और विदेशी नंबरों से संपर्क की पड़ताल की जा रही है।