गांव खानपुर माजरा के सरपंच पर उनके ही गांव के लोगों ने हमला कर दिया। सरपंच का कहना है कि उसने हमलावर को शराब पीकर गांव में हुड़दंग मचाने से रोका था। जिस पर उसने अपने भाई व मां के साथ मिलकर घर में घुस कर उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए तीनों पर केस दर्ज कर लिया।
थाना छप्पर पुलिस को दी शिकायत में गांव खानपुर माजरा के सरपंच विक्रम सिंह ने बताया कि उसके गांव का नरेंद्र सिंह हर रोज शराब पीकर गलियों में हुड़दंग मचाता है। इसके बारे में उसने 12 अगस्त को उसके घर जाकर उसकी मां सलोचना देवी को बताया था कि नरेंद्र को ऐसी हरकतें करने से मना करें। इसके बाद वह अपने घर आ गया था। रविवार सुबह नरेंद्र सिंह अपने भाई परमजीत व मां सलोचना देवी के साथ हाथों में सरिया, डंडा व ईंट लेकर उसके घर के अंदर घुस गए और गालियां देते हुए उसे बाहर आने को कहने लगे। वह कहने लगे कि आज तेरी सरपंची निकालते हैं। उसने जैसे ही दरवाजा खोलकर तीनों को समझाने की कोशिश की। तभी नरेंद्र ने हाथ में पकड़े सरिये से उसके सिर में वार किया। जिससे वह लहू लुहान हो गया। परमजीत ने उस पर लकड़ी की फट्टी से वार किया। वहीं सलोचना देवी ने उस पर ईंट से वार किया। उसने शोर मचाया तो उसकी पत्नी बबली, आशीष व चाचा देशराज और आसपास के लोग वहां पहुंचे और आरोपियों से छुड़ाया। आरोप है कि हमलावर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। इस लड़ाई झगड़े में आरोपियों ने उसका मोबाइल तोड़ दिया। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए।
मामले की जांच कर रहे एएसआई तरसेम कुमार का कहना है कि हमले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सरपंच की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नरेंद्र, परमजीत व सलोचना देवी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।