मानसून की बारिश में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए सितंबर में टेंडर लगेगा और इन पर अक्टूबर तक निर्माण कार्य लग जाएगा। इसके लिए नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने इंजीनियरिंग ब्रांच के अफसरों को निर्देश दे दिए हैं। इस पर इंजीनियरिंग ब्रांच की टीमें शहर में क्षतिग्रस्त व टूटी सड़कों को चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें वार्ड वाइज सड़कों की कुल संख्या व लंबाई-चौड़ाई का पता लगने पर एस्टीमेट तैयार होंगे, जिन पर मंजूरी मिलते ही टेंडर लगा दिए जाएंगे। बता दें कि नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में काफी सड़कें तो मानसून से पहले ही क्षतिग्रस्त हैं। इनकी हालत जुलाई व अगस्त में हुई मानसून की बारिश में और बिगड़ गई। कई सड़कों पर गड्ढों का आकार बढ़ गया है तो कई मार्गों पर केवल बिखरी बजरी ही रह गई है। इन पर वाहन चालक गड्ढों के झटके झेलते हुए या उनसे बचते-बचाते निकल रहे हैं। इस बीच कई गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालक सड़कों पर बिखरी बजरी पर टायर फिसलने से वाहन सहित गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़कों पर बिखरी बजरी वाहनों के टायरों के नीचे आने पर आसपास की दुकानों में गिर रही हैं। इससे दुकानदार व ग्राहकों के चोटिल होने व दुकानों में रखे सामान के नुकसान की आशंका है।
शहर में शहीद भगत सिंह चौक से गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड, चूना भट्टी से यमुना नहर की पटरी, चिट्टा मंदिर रोड, तेजली गांव से निकल रही मुख्य सड़क, श्री लाल द्वारा रोड, सेक्टर-17 व 18 और मॉडल टाउन में मुख्य व लिंक मार्ग, जगाधरी में रेलवे बाजार, प्रकाश चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज व अन्य सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनमें मानसून से पहले ही गड्ढे थे, जिनका मानसून की बारिश में आकार और बढ़ गया। चिट्टा मंदिर रोड व शहीद भगत सिंह चौक से गुरु नानक खालसा कॉलेज रोड पर तो जगह-जगह केवल बजरी बिखरी रह गई है। इस पर आने-जाने वाले राहगीर व वाहन चालक दिक्कत झेल रहे हैं।
रेलवे रोड स्थित श्री गीता भवन मंदिर के साथ लगती गोशाला के बाहर गली पूरी तरह टूट चुकी है। साथ ही नालियों व सीवर का गंदा पानी गली में बह रहा है। ये देख गोशाला में रोज गाय को रोटी देने व पूजन करने के लिए आने वाले श्रद्धालु आहत हो रहे हैं। अरुण शर्मा ने कहा कि गोशाला में रोज सैकड़ों गोभक्त आते हैं, जिन्हें बाहर गली टूटी होने के साथ बह रहे गंदे पानी से परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है। इन हालात में यहां गायों व गोवंश के बीमार होने का भी खतरा है।
मानसून की बारिश में क्षतिग्रस्त सड़कों से हो रही परेशानी लोगों को अधिक समय न झेलनी पड़े, इसलिए इंजीनियरिंग ब्रांच को क्षतिग्रस्त व टूटी सड़कों को चिह्नित कर सितंबर में टेंडर और अक्तूबर तक उन पर मरम्मत के काम लगाने के निर्देश दिए हैं।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।