संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। गांव टोपरा कलां में मंगलवार को कुछ लोगों ने कथित रूप से श्मशान घाट तक जाने का रास्ता न होने के कारण अशोका एडिट पार्क में गांव के एक व्यक्ति का संस्कार किया। ग्रामीणों का कहना था कि उनके श्मशान घाट तक जाने के वर्षों पुराने रास्ते को पार्क बनाने के बाद बंद कर दिया गया था। ग्रामीणों ने रास्ते की मांग को लेकर पंचायत व प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी इस समस्या की ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर मजबूरन मंगलवार को उन्हें पार्क में ही अंतिम संस्कार करना पड़ा।
गांव टोपराकलां के पूर्व सरपंच सुरेंद्र कुमार, राजेश, बलराम, नरेश, महिंद्र, बंसीलाल व किरण पाल आदि ने बताया कि वर्षों पहले अशोका पार्क जिस जगह पर बनाया गया था, वहां से पहले श्मशान घाट जाने का रास्ता हुआ करता था। पार्क बनने के बाद उसे बंद कर दिया गया। इसे लेकर उन्होंने पंचायत व प्रशासन से श्मशान घाट जाने के लिए अलग से रास्ता देने की मांग को लेकर कई बार गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी इस मांग को सरकार व प्रशासन ने पूरा नहीं किया।
उन्होंने बताया की मंगलवार को उन्हें मजबूर में गांव के एक व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार पार्क में ही करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि उन्हें श्मशान घाट तक जाने का रास्ता दिया जाए। इस संबंध में गांव के निर्वतमान सरपंच मनीष कुमार ने बताया कि पंचायत की ओर से पार्क के साथ-साथ श्मशान घाट तक जाने के लिए रास्ता छोड़ा गया है, जिस पर मनरेगा के तहत मिट्टी गिराकर कार्य शुरू किया जाना था, ग्रांट की कमी के कारण रास्ते का कार्य पूरा नहीं हो सका।
इस बारे में बीडीपीओ कंवरभान नरवाल ने कहा कि शमशान घाट तक के रास्ते को जल्द ही मनरेगा के तहत मिट्टी डलवाकर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा की पंचायत की ओर से इसका पहले ही प्रस्ताव डालकर प्रशासन के पास भिजवाया गया है।