मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा कैथल में आयोजित सिख सम्मेलन में प्रदेश में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का एलान के बाद वीरवार को डीसी कार्यालय पर सिखों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और डीसी के माध्यम से देश के गृहमंत्री को ज्ञापन भेजा।
डीसी की गैर मोजूदगी में एडीसी ने ज्ञापन लिया। सुबह सिख समाज के लोग डीसी कार्यालय के सामने अनाजमंडी गेट पर आयोजित सभा में एकत्र हुए।
एक-एक कर वक्ताओं ने अलग कमेटी के खिलाफ अपना विरोध जताया। करीब दो घंटे बाद सभी सिख नारेबाजी करते हुए डीसी कार्यालय की ओर बढ़े।
उन्होंने हाथों में तख्तियां पकड़ी थी जिसमें अलग कमेटी और प्रदेश सरकार विरोधी नारे लिखे थे। डीसी कार्यालय नारेबाजी के बाद एडीसी को केंद्रीय गृहमंत्री के नाम का ज्ञापन दिया गया।
जागीर सिंह, पूर्व एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि प्रदेश में अलग कमेटी किसी भी सूरत में नहीं बन सकती। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने की मांग को नकार चुके हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हार सामने दिख रही है। वह अलग कमेटी के नाम पर प्रदेश के सिखों को आपस में लड़ाना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव में प्रदेश का सिख समाज कांग्रेस का पूरी तरह सफाया कर देगा।
बलदेव सिंह कायमपुर, एसजीपीसी सदस्य ने कहा कि कांग्रेस के बहकाए गए मुट्ठीभर सिख प्रदेश में अलग कमेटी की मांग कर रहे हैं।
अलग कमेटी की मांग करने वालों को प्रदेश की जनता एसजीपीसी चुनाव मेें नकार चुकी है। यह मामला पूरी तरह ठंडा पड़ चुका था। सीएम ने अलग कमेटी की घोषणा तो कर दी है, लेकिन वह भी अच्छी तरह जानते है कि बिना एसजीपीसी की मर्जी के अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नहीं बन सकती।
जरनैल सिंह, कोआर्डिनेटर, गुरु मान्यो ग्रंथ सेवा सोसाइटी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सिखों के साथ भेदभाव किया है। गुरुद्वारों की सेवा-संभाल पूरी तरह धार्मिक मामला है।
कांग्रेस बेवजह इसे तूल दे रही है। अलग कमेटी की मांग करने वाले प्रदेश के युवा को एसजीपीसी के अधीन गुरुद्वारों में नौकरी की बात कर रहे हैं लेकिन सिख गुरुधामों में सेवा के भाव से जाते हैं ना कि अपनी जेब भरने के लिए। कोई सच्चा सिख गुरुद्वारों की कमाई नहीं खाना चाहेगा।
ज्ञापन में शामिल मुख्य बातें
-शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर सिख कौम द्वारा बेमिसाल कुर्बानियां देने के बाद अस्तित्व में आई है। एसजीपीसी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में स्थित गुरुद्वारा साहिबानों की सेवा संभाल बढ़िया तरीके से कर रही है।
एसजीपीसी सिख की सिरमौर संस्था है जो हमेशा ही सिख कौम के लिए प्रयत्न करती रही है। एसजीपीसी की ओर से सामाजिक तौर पर भी देश-विदेश के किसी हिस्से में कुदरती आफत आने पर बिना किसी भेदभाव के पीड़ितों की मदद की जाती है।
एसजीपीसी की ओर से देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षण संस्थाएं और उच्च स्तरीय अस्पताल खोले जा रहे हैं। एसजीपीसी पीजीआई स्तर का मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, शाहाबाद मारकंडा में बनवा रही है।
-गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अस्तित्व में आने पर महात्मा गांधी की ओर से इसे भारत की आजादी की पहली विजय करार दिया गया था। हरियाणा की कांग्रेस सरकार द्वारा अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयत्न ना केवल महात्मा गांधी के कथन को मलियामेट करने के बाराबर है।
साथ ही 1959 में हुए मास्टर तारा सिंह और पंडित जवाहरलाल नेहरू पैक्ट की घोर उल्लंघना है। इसके मुताबिक केंद्र और राज्य की सरकारें सिखों के धार्मिक मामलों में कोई दखलअंदाजी नहीं करेगी।
-शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भी 31 मई, 2005 को जनरल हाउस और 30 जून, 2014 को अंतरिंग कमेटी की बैठक में हरियाणा राज्य में अलग गुरुद्वारा कमेटी की मांग के खिलाफ अपना भारी रोष जताते हुए कांग्रेस की हरियाणा सरकार की ओर से अलग कमेटी बनाने के प्रयत्नों की पुरजोर निंदा की जा चुकी है।
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ये रहे उपस्थित-
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के सीनियर मीत प्रधान रघुबीर सिंह विर्क, एतिहासिक गुरुद्वारा दसवीं पातशाही हनुमान गेट के प्रधान करतार सिंह, गुुरुद्वारा नौंवी पातशाही झींवरहेड़ी के प्रधान स्वर्ण सिंह, बलाचौर गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान सुरेंद्र सिंह, छोटा माडल टाउन गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान देवेंद्र सिंह, गुरु मान्यो ग्रंथ सेवा सोसाइटी के प्रधान परमजीत सिंह बब्बू, गुरु मान्यो ग्रंथ सेवा सोसाइटी के जरनल सेक्रेटी हरकीरत सिंह खुराना, बाबा दीप सिंह जी शहीद सेवक जत्था के प्रधान गुरबक्श सिंह, पृृथ्वी नगर गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान देवेंद्र सिंह सोढी, वीना नगर गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान महेंद्र सिंह, गढी रोड पुराना हमीदा गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान सुखवंत सिंह, चांदपुर गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान बेअंत सिंह, बलवंत सिंह प्रधान लक्षमी गार्डन, सरोजनी कालोनी गुरुद्वारा सिंह सभा के सेक्रेटरी गुरमेल सिंह, जम्मू कालोनी गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान, जमुना गली गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान परमजीत सिंह भल्ला, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जसबीर सिंह, सुढल साहिब गुरुद्वारा नौंवी पातशाही प्रधान स्वर्ण सिंह, बिलासपुर गुरुद्वारा दसवीं पातशाही के प्रधान तेजा सिंह, बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान, पीर बुद्ध शाह गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान बलदेव सिंह चड्ढा, साढौरा सिंह सभा प्रधान कुलवंत सिंह, मुस्तफाबाद गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान जोगिंद्र सिंह, थाना छप्पर सिंह सभा प्रधान केसर सिंह, मछरौली गुरुद्वारा प्रधान लाजवंत सिंह, मारवां कला गुरुद्वारा प्रधान बलबीर सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा बसातियां वाला प्रधान अवतार सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा धर्मकोट प्रधान लक्ष्मन सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा तिहमो प्रधान रणजोत सिंह, तुगलपुर सिंह गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान निरवैर सिंह, ब्राह्मण खेड़ा गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान अवतार सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा कराड़ी प्रधान कैप्टन बलजीत सिंह, गुरुद्वारा सिंह सभा सरावां के जनरल सेक्रेटरी लखविंद्र सिंह, सिंह सभा मंधार प्रधान बाबू सिंह, ऊंचा चंदना गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान कुलवंत सिंह, टोपरा कलां गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान प्यारा सिंह, छोटा टोपरा गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान अमरजीत सिंह, गुरुद्वारा मसाना रांगड़ान प्रधान जसविंद्र सिंह, दोसड़का गुरुद्वारा सिंह सभा प्रधान राजिंद्र सिंह सहित अन्य गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी और सिख जत्थेबंदियों के सदस्य मौजूद रहे।