संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खंड साढौरा में हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में गांव टोडरपुर के चेकडैम का नवीनीकरण का कार्य अब जल्द ही फिर से रफ्तार पकड़ेगा। 24 सितंबर के बाद इसका कार्य शुरू होने की संभावना है। अभी चेकडैम का कार्य बारिश की वजह से रुका पड़ा है।
हालांकि चेकडैम पर पानी कम है लेकिन कीचड़ होने के चलते काम करने वाली मशीन नहीं जा सकती। ऐसे में बारिश सीजन के बाद ही यह प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। अटल भूजल योजना के तहत इस चेकडैम का नवीनीकरण कार्य होना है। चेकडैम के नवीनीकरण के बाद 1900 एकड़ भूमि को सिंचित करने में किसानों को काफी राहत मिलेगी।
चेकडैम में बरसात के पानी जमा होता है, यह पानी हिमाचल की पहाड़ियों से होता हुआ यहां पहुंचता है। जहां से पैनल व पाइपलाइन के माध्यम से साथ लगते खेतों में सिंचाई के लिए छोड़ा जाता है। वहीं पाइपलाइन को बिछाने के लिए आठ से 10 ईंची सीमेंटेड पाइपों को मंगवाया गया है।
वहीं पहाड़ों से चेकडैम में आने वाले पानी से साथ लगते क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति न बने डैम के अंदर से गाद व मिट्टी जेसीबी से निकाली जाएगी। बता दें पहाड़ी क्षेत्र और गहरे जल स्तर के कारण यहां पानी की गंभीर समस्या रही, ऐसे में साल 2001-2002 में वन विभाग ने कंडी योजना के तहत इन पंचायतों के लिए चेकडैम बनाए गए थे।
बिजली न होने पर मिलेगा पानी
एक समय था जब टोडरपुर गांव के लोग बिजली जाने पर फसलों में भी सिंचाई करने की चिंता रहती थी, लेकिन चेकडैम के नवीनीकरण के बाद बिजली जाने के खेतों में पानी देने की समस्या भी खत्म हो जाएगी। ऐसे में इस चेकडैम से खेती की सिंचाई होती थी, लेकिन अनदेखी के चलते इन चेकडैम में गाद जम गई और पानी का भी सूख पड़ने लगा। ये पंचायतें हिमाचल की पहाड़ियों से सटी हुई हैं। चेकडैम का नवीनीकरण होने के बाद सारा पानी पंचायत व सिंचाई के लिए वितरित किया जाएगा।
बारिश के कारण चेकडैम का कार्य बंद पड़ा है। बारिश के सीजन के बाद टोडरपुर चेकडैम का नवीनीकरण किया जाएगा। इससे किसानों काफी राहत मिलेगी। -भूपेंद्र सिंह, आईईसी विशेषज्ञ अटल भूजल योजना।