संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शिक्षा विभाग के निपुण हरियाणा मिशन की प्रगति समीक्षा के लिए डीपीआईयू की बैठक हुई। इस बैठक में जिलेभर से 155 बीआरपी, एबीआरसी, कलस्टर प्रमुख, मेंटर्स ने भाग लिया। बैठक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता के नेतृत्व में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाबनी कलां में बुलाई गई। बैठक में मुख्यालय से एसपीआईयू सदस्य निशा पिलानिया पहुंची।
बैठक में सभी जिलास्तरीय अधिकारी, डाइट प्रवक्ता, सभी छह खंड शिक्षा अधिकारी, सहायक परियोजना समन्वयक, 74 क्लस्टर मुखियाओं और 75 मेंटर को बुलाया गया था। इस दौरान जिले के 222 विद्यालयों के लिए तैयार सेंसेस रेमिडिएशन एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने साप्ताहिक रेमिडिएशन की निगरानी के लिए अनिवार्य कौशल पासबुक डाटा की अनुपालना में भारी कमी को गंभीर बताया।
इस दौरान सामने आया कि कई खंडों में डाटा जमा करने की स्थिति संतोषजनक नहीं है। व्यासपुर में सात, छछरौली में तीन, जगाधरी में दस और रादौर में एक क्लस्टर द्वारा साप्ताहिक आकलन का डाटा प्रस्तुत नहीं किया गया। कई क्लस्टरों ने केवल आंशिक डाटा ही साझा किया। डीईईओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी बीईओ और सीआरसी को त्वरित सुधारात्मक के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेंसस 2.0 की तैयारी समयबद्ध और धरातलीय होनी चाहिए। यह 22 व 23 दिसंबर को करवाया जाएगा। सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाए ,ताकि रेमिडिएशन कार्य प्रभावी परिणाम दे सके। बैठक में मॉनिटरिंग विजिट की समीक्षा भी प्रमुखता से की गई। नवंबर के लिए जारी अनुपालना रिपोर्ट में ब्लॉक मॉनिटरिंग अधिकारियों का अनुपालन मात्र 25 प्रतिशत दर्ज किया गया। डीईईओ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकरी ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए जरूरी है।
इस दौरान उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पिरथी सैनी, सहायक जिला परियोजना अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी केएल संधावा, अशोक धीमान, धर्म सिंह राठी, रमेश कुमार, नरेश पाल उपस्थित रहे।