संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की राइस मिलों में सामने आए 75 करोड़ रुपये के धान घोटाले की जांच के लिए बनी एसआईटी आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला से कोई बड़ा राज नहीं उगलवा पाई है। छह दिन का रिमांड खत्म होने के बाद मिलर को सोमवार को एक बार फिर कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
आरोपी ने अभी तक क्या खुलासा किया है इसे भी पुलिस ने राज ही रखा हुआ है। इस मामले में संलिप्त किसी अधिकारी या कर्मचारी का नाम पुलिस क्यों नहीं उजागर कर रही, यह भी सवालों के घेरे में है। अब तो लोग यहां तक कहने लगे हैं कि कहीं इस मामले का भी हाल जिला में हुए आरसी फर्जीवाड़े की तरह न हो जाए। क्योंकि आरसी फर्जीवाड़े में भी जांच की आंच कई बड़े अधिकारियों तक जा पहुंची थी, लेकिन इसमें छोटे कर्मचारियों के अलावा किसी और की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि बुधवार को इसमें कोई बड़ा खुलासा हो सकता है।
वहीं मामले की जांच कर रही एसआईटी में एसपी कमलदीप गाेयल ने सोमवार को बड़ा बदलाव कर दिया। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी रजत गुलिया को हटाकर उनकी जगह डीएसपी जगाधरी राजीव मिगलानी को लगाया गया है। पहले एसआईटी में केवल सीआईए-वन इंचार्ज ही थे, अब उनके साथ सीआईए-टू इंचार्ज को भी लगा दिया गया है। डीएसपी रजत को हटाने की वजह पुलिस ने नहीं बताई है। हालांकि इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि वर्क लोड के चलते डीएसपी को बदला गया है।
धान पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
सात राइस मिलों में बचे धान को किस एजेंसी को दिया जाए इसे लेकर अदालत ने अपना फैसला सोमवार को सुरक्षित रख लिया। यह निर्णय नहीं हो सका है कि जो धान बचा है वह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दिया जाए या फिर हैफेड को। 26 नवंबर को इस मामले में पहली सुनवाई होनी थी, जो अभी तक टलती आ रही है। अब इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।
धान घोटाले की जांच के लिए जो एसआईटी बनी थी अब उसका इंचार्ज मुझे लगाया गया है। साथ में सीआईए-टू को भी जांच में शामिल किया गया है। आरोपी राइस मिलर को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले में कुछ और खुलासे हो सकते हैं। - रजत गुलिया, एसआईटी इंचार्ज एवं डीएसपी जगाधरी।