यमुनानगर। डीएवी डेंटल कॉलेज में रैगिंग के खिलाफ एक कार्यक्रम में अंबाला के डीसीपी डॉ. रजत गुलिया की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य एवं दंत विज्ञान मिलिया इस्लामिया काॅलेज के एचओडी डॉ. संजय सिंह ने कहा कि डेंटल कौंसिल ऑफ इंडिया रैगिंग करने की किसी को इजाजत नहीं देती है। रैगिंग करने वाले को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। रैगिंग को रोकने के लिए छात्रों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंटल कौंसिल के अंतर्गत 320 कॉलेज आते हैं और प्रतिवर्ष 27 से 28 हजार बच्चे बीडीएस में दाखिला लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जूनियर को मानसिक रूप से परेशान करना, उसकी बेइज्जती करना रैगिंग की श्रेणी में आता है। वहीं, डीसीपी रजत गुलिया ने कहा कि रैगिंग आपराधिक श्रेणी में आता है। अगर नाबालिग रैगिंग में शामिल होता है तो उसके खिलाफ पाॅस्को एक्ट में मामला दर्ज होता है और यदि वह बालिग है तो अन्य धाराओं में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि रैगिंग करने वाले के साथ साथ इसमें सहयोग करने वाले के खिलाफ भी केस दर्ज करने का प्रावधान है।
डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आईके. पंडित ने बताया कि डेंटल कौंसिल ऑफ इंडिया की हिदायत के अनुसार रैगिंग के खिलाफ सभी उपाय किए जा रहे हैं। जगह-जगह पर एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों की सूची लगाई गई। उन्होंने बताया कि कॉलेज में छात्रों को गुरुकुल आधारित शिक्षा दी जाती है यही कारण है कि यहां के बच्चे रैगिंग की तरफ ना जाकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद गुप्ता ने कहा छात्रों को अपने उज्जवल भविष्य की तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रैगिंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी बहुत सख्त है। रैगिंग करने वाला न केवल अपना भविष्य खराब करता है बल्कि अपने अभिभावकों की उम्मीदों को भी धूमिल करता है। इस मौके पर रेड क्रॉस की तरफ से शशि भूषण, देवेंद्र कुमार, अभिभावक डॉ. अमरजीत सिंह, रविंद्र कालिया , डॉ. नीरज गुगनानी आदि मौजूद रहे।