संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। व्यासपुर खंड के गांव छलौर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य, खेलकूद और मनोरंजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत की जमीन पर लाखों रुपये की लागत से बनाए गए पार्क और व्यायामशाला आज बदहाली का शिकार हो चुके हैं। जिन सुविधाओं का मकसद युवाओं और बुजुर्गों को फिटनेस के लिए प्रेरित करना था, वही स्थान अब पशुओं की चारगाह बनकर रह गया है। देखरेख और रख-रखाव के अभाव में पूरा परिसर जंगल जैसा रूप लेता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि व्यायामशाला में जहां कभी युवाओं को व्यायाम करते देखा जाना था, वहां अब जंगली घास और झाड़ियां उग आई हैं। व्यायाम के लिए कोई उपकरण मौजूद नहीं है। बैठने के लिए बेंच, पीने के पानी, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। पार्क के नाम पर न तो बच्चों के खेलने के लिए झूले हैं और न ही फिसलपट्टियां। हरियाली के लिए लगाए गए पौधे या तो सूख चुके हैं या फिर पशुओं ने चर लिए हैं।
चारदीवारी की हालत भी जर्जर हो चुकी है और गेट की व्यवस्था न होने के कारण पशुओं का बेरोकटोक प्रवेश बना हुआ है। इससे परिसर की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शाम होते ही बिजली न होने के कारण पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे यहां आना-जाना असुरक्षित हो जाता है। पानी की व्यवस्था न होने से साफ-सफाई भी पूरी तरह ठप पड़ी है।
जल्द ही कराई जाएगी सफाई : सरपंच
गांव की सरपंच रजनी बाला ने बताया कि पार्क और व्यायामशाला उनके कार्यकाल से पहले बनी थी और गांव से कुछ दूरी पर स्थित है। कुछ दिन पहले मजदूर लगाकर सफाई करवाई गई थी। गेट न होने के कारण लोग अपने पशु अंदर ले आते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही दोबारा सफाई करवाई जाएगी और समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
गांव छलौर के पार्क में घूमते लावारिस पशु। संवाद