संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। खंड के गांव मुजाफ्त में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जैसे ही कथा में श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो और जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास आचार्य प्रवेश दास महाराज ने अत्यंत सरल एवं भावपूर्ण शैली में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया। उन्होंने भरत का प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सांसारिक मोह से ऊपर उठकर ही आत्मज्ञान की प्राप्ति संभव है। उन्होंने जामिल की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि कलयुग में केवल हरि नाम ही मनुष्य को पापों से मुक्ति दिलाने में सक्षम है।
उन्होंने बताया कि अजामिल ने अंत समय में नारायण नाम का स्मरण कर अपने समस्त पापों से उद्धार पाया। कथा में गज-ग्राह की कथा भी सुनाई गई, जिसमें बताया गया कि संकट के समय सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करने पर भगवान स्वयं भक्त की रक्षा के लिए आते हैं और मोक्ष प्रदान करते हैं। आचार्य ने कहा कि कलयुग में मनुष्य चाहे कितना भी पापी क्यों न हो, यदि वह सच्चे मन से भगवान का नाम लेता है तो प्रभु उसे अवश्य तारते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल उत्सव नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय और मानव जीवन को सही दिशा देने का संदेश है। श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य किया, एक-दूसरे को बधाइयां दीं और जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। इस मौके पर प्रधान महिपाल, सरपंच सुरेंद्र कुमार, शिव कुमार, हरि सिंह, जगमाल, अमर सिंह, रमेश कुमार, धर्मवीर, पवन कुमार, कर्ण सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।