संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए बनाए जा रहे आयुष्मान वय वंदन कार्ड और चिरायु कार्ड की रफ्तार जिले में सुस्त है।
पात्र लाभार्थियों की संख्या अधिक होने के बावजूद अपेक्षित गति से कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, जिससे हजारों बुजुर्ग अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में आयुष्मान कार्ड और चिरायु कार्ड बनवाने के लिए 8,37,359 लोग पात्र हैं, जिनमें से अब तक 7,55,025 लाभार्थियों ने कार्ड बनवा लिए हैं। इसके बावजूद 82,334 पात्र अब भी कार्ड से वंचित हैं। वहीं 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 76,334 बुजुर्ग वय वंदन कार्ड के लिए पात्र हैं। अब तक केवल 11,073 ने ही कार्ड बनवाए हैं। 65,261 बुजुर्गों के कार्ड बनना अभी बाकी हैं। आंकड़े इस ओर संकेत कर रहे हैं कि सबसे अधिक सुस्ती वय वंदन कार्ड के मामले में है। आयुष्मान, चिरायु और वय वंदन कार्ड के माध्यम से लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
यह सुविधा केवल सामान्य बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर, न्यूरोसर्जरी सहित 1600 से अधिक बीमारियां शामिल हैं। उपचार सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर पर कार्ड बनाने की सुविधा दी गई है। इसके बावजूद बुजुर्गों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई दे रही। विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और दस्तावेजों की जानकारी न होना इसकी प्रमुख वजह है।
31 मार्च तक बनेंगे कार्ड : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अपने आयुष्मान कार्ड, चिरायु कार्ड और 70 वर्ष से अधिक आयु होने पर वय वंदन कार्ड बनवाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार प्राप्त कर सकें।