संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रदेश सरकार की ओर से लागू की गई नई शिक्षक ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी–2025 को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है। इसी को लेकर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें तबादला नीति के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में संघ पदाधिकारियों ने नीति के कुछ बिंदुओं को शिक्षकों के हितों के विपरीत बताया। संघ के राज्य प्रधान डॉ. दिनेश निम्बड़िया ने कहा कि किसी शिक्षक को एक ही ब्लॉक में 15 वर्ष पूरे होने पर ब्लॉक बदलने की अनिवार्यता अमानवीय है। यह शर्त शिक्षकों के पारिवारिक, सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न का कारण बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तबादला नीति स्कूल आधारित होनी चाहिए, न कि ब्लॉक आधारित।
दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में वर्षों तक सेवा देने वाले शिक्षकों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता और शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। प्रदेश महासचिव विनोद मोहड़ी ने विषयवार पदों को सीमित रखने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे कई शिक्षकों के लिए अवसर सीमित हो जाते हैं। संघ की मांग है कि सभी स्कूलों के सभी पदों को ट्रांसफर प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग एवं गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों को केवल मेडिकल प्रमाण पत्र के आधार पर अतिरिक्त मेरिट अंक दिए जाने चाहिए। बैठक में राज्य कोषाध्यक्ष राजेश पेटवाड़, राज्य संयोजक दलबीर राठी, उप प्रधान सुभाष हालू, नरेश फुले, विजय सिंह, चंद्रमोहन सहित अनेक जिला प्रधान व पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।