फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: चंचल सबसे उम्रदराज हथिनी, 81 के बाद भी नखरे

Sun, 23 Jun 2024 05:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
कौशिक खान
विज्ञापन

छछरौली। छछरौली में स्थित हरियाणा का पहला चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बन संतौर में इन दिनों सबसे उम्रदराज हथिनी चंचल आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 81 साल की होने के बाद भी चंचल के नखरे हजार हैं। वहीं उम्रदराज होने पर चंचल के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए उसकी डाइट भी विशेष रखी गई है।
हथिनी चंचल को रोजाना हरा चारा 100 किलो, फल 20 किलो, सब्जियां 30 किलो, दलिया 15 से 20 किलो, देशी घी 250 ग्राम, काले चने 500 ग्राम, च्यवनप्राश 100 ग्राम, कैप्सूल एक्वासोल 5 सप्ताह में दो बार, बोलुस इकोटास 8 सप्ताह में दो बार दिया जा रहा है। इसके अलावा पाउडर एग्रीमिनफोर्ट 100 ग्राम प्रति हाथी, सिरप लिव- 52, 100 मिली प्रति हाथी, बोलस कोलिम्बी 4 टैब प्रति हाथी, ओआरएस पाउच 6 प्रति हाथी के हिसाब से दिया जा रहा है।
विज्ञापन

इसी प्रकार हथिनी लक्ष्मी वन 62 साल की हो चुकी है। जबकि लिली 45 और लक्ष्मी टू 40 साल की आयु की हो चुकी है। इन सभी को भी हरा चारा 250 किलो, फल 5 किलो, सब्जियां 15 किलो और दलिया 6 किलो दिया जा रहा है। इस तरह एक हाथी के खान पान पर लगभग 60 हजार रुपए प्रतिमाह तक खर्च आता है।
सन 2008 में लगभग एक करोड़ की लागत से 50 एकड़ जमीन पर चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र (एलिफेंट सेंटर) की स्थापना की गई। सन 2008 घरौंडा से बिना परमिट मिले दो हथनियों लक्ष्मी व चंचल को काबू कर बन संतौर छोड़ा गया था। एक हथिनी लिली को सिरसा चुनाव के दौरान बीएसपी के एक प्रत्याशी के जुलूस से काबू कर बन संतौर केंद्र पर छोड़ा गया था।
इसी तरह हथिनी लक्ष्मी टू को दिल्ली सरकार के माध्यम से बन संतौर में भेजा गया था। ऐसे में अब इस केंद्र में चार हथिनियों हैं, और 400 एकड़ भूमि पर एक प्राकृतिक जल तालाब है, जिसमें हाथी प्राकृतिक मिट्टी से स्नान करने का आनंद लेते हैं। चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र वन्यजीव एसओएस के सहयोग से हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई एक परियोजना है।
इस परियोजना के तहत हाथियों के साथ मालिकों या संचालकों व महावतों द्वारा क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया हो या ऐसे हाथी जो अवैध हिरासत में हों अथवा जिनके पास कानूनों का उल्लंघन करते हुए अनुचित व अधूरे स्वामित्व के कागजात हों। ऐसे हाथियों को रेस्क्यू कर बचाया और जब्त कर पुनर्वास के लिए हाथी पुनर्वास केंद्र में लाया जाता है। संवाद
विज्ञापन

हौद में हथिनियों की मस्ती
बन संतौर में हथिनियों की गर्मी दूर करने के लिए पुनर्वास केंद्र में बने पानी के हौद में पानी छोड़ हुआ है। रोजाना ठंडा पानी हौद में छोड़ा जा रहा है। हाथी पुनर्वास केंद्र बन संतौर के केयर टेकर आशीष बतूरा ने बताया कि केंद्र में चार हथिनियों को रखा हुआ है। मौसम के हिसाब से हथिनियों की डाइट में परिवर्तन किया जाता है। सुबह-शाम सभी हथिनियों को सैर भी कराई जाती है। इसके साथ टारगेट अभ्यास भी कराया जाता है, जिसमें हथिनियों को इशारे की भाषा से चलाया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें