यमुनानगर। रेलवे के चलते पांच वर्षों से अटके शहर की सबसे बड़ी स्टॉर्म वाटर ड्रेन डालने का कार्य अब सिरे चढ़ेगा। करीब 11.84 करोड़ रुपये से डाली जा रही स्टॉर्म वाटर ड्रेन का काम चांदपुर आरओबी के नीचे गुलाब नगर के पास निजी जमीन होने और रेलवे लाइन की वजह से रुका था। लेकिन अब इसका कार्य पहले से गति पकड़ेगा।
वहीं इस मामले को लेकर मेयर सुमन बहमनी ने दौरे पर आए रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना से मुलाकात की। इस पर मंत्री वी. सोमन्ना ने अंबाला मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विनोद भाटिया से भी स्टॉर्म वाटर ड्रेन की पूरी जानकारी ली। रेल मंत्री ने डीआरएम को निर्देश दिए कि स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण जल्द शुरू करें, ताकि शहर में जलभराव की स्थिति न हो।
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मेयर सुमन बहमनी ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए शहर के कन्हैया साहिब चौक से जम्मू कॉलोनी में डिच ड्रेन तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का काम अमृत (अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) स्कीम में नगर निगम करवा रहा है। इसका 24 फरवरी 2019 को शिलान्यास हुआ।
ड्रेन से जगाधरी से आ रहे बड़े नाले का पानी यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाय आउटर में पुराने एनएच-73 पर डायवर्ट कर डिच ड्रेन तक ले जाना है। इस 4500 मीटर लंबी ड्रेन का काम 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया था। करीब 11.84 करोड़ रुपये की लागत से डाली जा रही ड्रेन का काम चांदपुर आरओबी के नीचे गुलाब नगर के पास निजी जमीन होने और रेलवे लाइन की वजह से रुका था। यहां 270 मीटर लंबाई में आरसीसी पाइप डाले जाने बाकी हैं।