संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की ओर से जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है। समर्थक भी दिनरात देखे बिना उनके साथ लगे हुए हैं। एक तरफ चुनाव का शोर है तो कुछ दिन बाद धान की धमक सुनाई देने लगेगी। वह दिन दूर नहीं जब खेतों में मजदूर धान की कटाई के बाद इसे झाड़ते हुए नजर आएंगे। ऐसे में जो प्रत्याशी खेतों में धान कटाई में लगे मजदूरों के आगे भी हाथ जोड़ते दिखेंगे।
जिले में इस बार धान का कुल रकबा 85 हजार हेक्टेयर है। इस बार किसानों ने 15 जून से पहले ही खेतों में धान की रोपाई शुरू कर दी थी। जिस कारण धान की 1509 किस्म की धान तो पकने के बाद कई दिन पहले ही खेतों में पहुंच गई थी। आधिकारिक तौर पर धान की सरकारी खरीद फिलहाल शुरू नहीं हुई है।
मंडियों में आढ़ती तुलाई के बाद धान को बोरियों में भर कर गोदामों में रख रहे हैं। इस बार धान की सरकारी खरीद 23 सितंबर से शुरू हो जाएगी जो हर साल से एक सप्ताह पहले हो रही है। खरीद जल्द शुरू होने से धान की कटाई भी जल्द शुरू हो जाएगी। विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग पांच अक्टूबर को होगी। ऐसे में जब प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार आखिरी दौर में होगा तो खेतों में काफी धान कट चुका होगा।
धान कटाई के लिए लोग अल सुबह ही निकल जाते हैं और देर शाम को ही घर लौटते हैं। ऐसे में लोगों तक पहुंचने के लिए प्रत्याशियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। वहीं किसानों ने भी कटाई से पहले अपने ट्रैक्टरों की टूट-फूट ठीक करानी शुरू कर दी है। किसानों का पूरा ध्यान अभी से खेतों से धान की फसल समेटने पर लगा हुआ है। इसकी वजह मौसम का बार-बार करवट लेना है।
पिछले कई दिनों से रूक-रूक कर लगातार बारिश हो रही है। कई जगह तो खेतों में धान की फसल तेज हवा व बारिश से बिछ भी चुकी है। आगे भी मौसम की मार न पड़े इसके लिए किसान समय रहते धान को काट कर मंडी में पहुंचाना चाहता है। इसलिए किसान व मजदूरों तक पहुंचने के लिए प्रत्याशियों को कभी घर तो कभी खेत में भागदौड़ करनी पड़ेगी।