संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। प्रसिद्ध व ऐतिहासिक आठ दिवसीय जाहरवीर गोगा मेड़ी मेला इस बार 25 सितंबर से शुरू होगा। मेले को लेकर रविवार को पवित्र छड़ी निशान का आगमन हुआ। छड़ी निशान सबसे पहले जाट नगर रादौर स्थित दी यमुनानगर केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यत्र धर्म सिंह बंचल के निवास पर ले जाया गया। यहां श्रद्धालुओं ने छड़ी निशान की पूजा कर परिवार और क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की।
जाहरवीर गोगा मेड़ी के महंत अनिल कश्यप और बाबूराम ने बताया कि मेले से पहले गोगा महाराज का बसेरा होगा। 24 सितंबर को शहर में जाहरवीर गोगा महाराज की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके अगले दिन 25 सितंबर से आठ दिवसीय मेले का शुभारंभ होगा। मेले से पहले पवित्र छड़ी निशान रादौर, छोटाबांस, रादौरी, अमलौहा, धानुपुरा, बापौली सहित आसपास के गांवों में घर-घर ले जाया जाएगा। श्रद्धालु छड़ी निशान की पूजा कर मन्नतें मांगेंगे।
महंत ने बताया कि रादौर का गोगा मेड़ी मेला मुगलकाल से लगता आ रहा है। करीब 400 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हिंदू, सिख, मुस्लिम, ईसाई समेत विभिन्न धर्मों के लोग श्रद्धा से शामिल होते हैं। मेले में जिले व प्रदेश से ही नहीं बल्कि देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचकर परिवार की सुख-समृद्धि और सलामती की कामना करते हैं।
तीन दिवसीय दंगल रहेगा आकर्षण
मेले का प्रमुख आकर्षण तीन दिन तक चलने वाला दंगल है। इसमें हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नेपाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से नामी पहलवान पहुंचते हैं। पहलवान कुश्ती में अपना दमखम व दांव-पेच दिखाते हैं। मेले के दौरान दंगल करवाने की परंपरा भी मुगल काल से चली आ रही है।