रादौर। शहर के पक्के घाट स्थित श्रीनागेश्वर धाम मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक धनंजय शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की कथा का महत्व बताया। साथ ही सदाचार और उनके आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए बाहरी आडंबर, दिखावा या वैभव नहीं, बल्कि निष्कपट, निर्मल और पवित्र हृदय की आवश्यकता होती है। जब मन से छल, कपट, अहंकार और द्वेष समाप्त हो जाते हैं, तभी प्रभु की सच्ची कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा का श्रवण और कीर्तन होता है, वहां का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर जाता है। श्रीराम कथा मनुष्य के अंतर्मन को शुद्ध कर जीवन में प्रेम, सदाचार, सेवा और आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करती है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।