यमुनानगर। चोपड़ा गार्डन की प्रॉपर्टी को दस्तावेजों में हेराफेरी कर कोर्ट के स्टे के बाद भी बेचने के मुख्य आरोपी विक्रम और नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर रामपाल मान को जेल भेज दिया।
विक्रम को रविवार व रामपाल मान को सोमवार को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। दोनों को रिमांड अवधि पूरी होने पर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। मामले में सीए, दलाल व आरोपी विक्रम के भाई विशाल की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
फरीदाबाद के सेक्टर-आठ निवासी योगेश शर्मा ने शिकायत दी थी कि उनकी यमुनानगर में टैगोर गार्डन में प्रॉपर्टी है। इस पर विवाद चल रहा है और कोर्ट से स्टे है। इसके बाद भी विक्रम बख्शी व विशाल बख्शी ने नगर निगम कर्मियों से मिलीभगत कर प्रॉपर्टी की नई आईडी बनवा ली। इसके बाद करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी सस्ते दाम में बेच दी।
शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को बुलाया, पर वह पेश नहीं हुए। नगर निगम का रिकॉर्ड जांचा तो पाया कि नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर रामपाल मान ने प्रॉपर्टी की नई आईडी बनाने में आरोपियों का साथ दिया और करीब पांच लाख रुपये लिए। प्रॉपर्टी 140 वर्ग गज थी, जिस पर कोर्ट का स्टे भी था। इसके बाद भी 28 अक्टूबर 2024 की रात प्रॉपर्टी की नई आईडी के लिए अप्लाई किया गया। ब्यूरो