यमुनानगर। जिले में शराब के ठेकों पर दूसरे दिन भी सील लगा हुआ ताला लटका रहा। 90 ठेके ऐसे हैं जिनकी नीलामी अभी तक नहीं हो पाई। वहीं जिन 10 जोन की नीलामी हुई थी उनमें से भी आधे ही खुल पाए हैं। ठेकेदारों को नए सिरे से सेटअप करने में समय लग रहा है।
जिले में शुक्रवार को शेष बचे 45 जोन के ठेकों की नीलामी होनी थी, लेकिन इससे एक दिन पहले ही स्थगित कर दिया। इन ठेकों की नीलामी कब होगी फिलहाल इस बारे में किसी तारीख का एलान नहीं हुआ है। माना जा रहा है 15 जून को अब ठेकों की नीलामी हो सकती है। अवगत हो कि जिन 45 जोन की नीलामी होनी है उनकी नीलामी से 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होना है।
आबकारी विभाग की तरफ से अब जो नीलामी करवाई जाएगी उसमें रिजर्व प्राइस में कटौती की गई है। जिन ठेकों की कीमत पांच करोड़ रुपये तक है उनमें पांच प्रतिशत और जिनकी इससे ज्यादा हैं उनमें तीन प्रतिशत फीस की कटौती होगी। जैसे-जैसे ठेकों की नीलामी की तारीख आगे बढ़ रही है उससे आबकारी विभाग समेत पूरे जिला प्रशासन की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। खासकर पुलिस विभाग पर सबसे ज्यादा दबाव है। वह इसलिए क्योंकि जब से शराब कारोबार में गैंगस्टरों की दखलंदाजी हुई है तब से पुलिस पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। शराब के ठेकों पर फायरिंग हो चुकी है। ठेकेदारों को फोन करके रंगदारी मांगी जा रही है। पहले शराब कारोबारियों में केवल काला राणा का डर था अब इसमें बंबीहा गैंग की एंट्री हो चुकी है। कहां तो यह भी जा रहा है कि ठेकेदारों को यहां तक कहा गया है कि वह दूसरे गैंग को पैसे न दें। ऐसे में ठेकेदारों की परेशानी बढ़ गई है। संवाद