संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सारण गांव का मंगलवार को उप जिला शिक्षा अधिकारी केएस संधावा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में चल रही एनएसक्यूएफ की आईटी लैब व रिटेल लैब की कार्यप्रणाली व व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, उन्होंने लैब प्रभारी व प्राचार्य से प्रबंधन व व्यवस्था संबंधी सवाल जवाब किए।
उप जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय विद्यालयों में राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) के तहत् चार वर्षीय व्यवसायिक कोर्स करवाए जा रहे हैं। यह कोर्स विद्यार्थी रेगुलर पढ़ाई के साथ कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नौवीं से 12वीं तक विद्यार्थी यह कोर्स लेकर अपनी व्यावसायिक योग्यता पूरी कर रहे हैं। विद्यार्थी जैसे ही यह कोर्स कर पास होते हैं, तो बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों निजी व सरकारी संस्थानों में प्लेसमेंट पाते हैं। उन्होंने कहा राजकीय विद्यालयों में यह व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक चल रहे हैं। व्यावसायिक शिक्षा वह शिक्षा है, जो लोगों को किसी कुशल शिल्प के लिए तैयार करती है।
व्यावसायिक शिक्षा को उस प्रकार की शिक्षा के रूप में भी देखा जा सकता है, जो किसी व्यक्ति को आवश्यक कौशल के साथ लाभकारी रोजगार या स्वरोजगार के लिए तैयार करने के लिए दी जाती है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल करने का उद्देश्य समग्र शिक्षा प्रदान करना और रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
सभी विद्यालयों में यह कार्यक्रम सही प्रकार से चले, इसके लिए जिलास्तर पर निगरानी की जा रही है। इसके लिए विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी जा रही है। यहां उपजिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं व सुविधाओं का जायजा लिया और स्टाफ को निर्देश दिए। इस दौरान प्राचार्य जयचंद सहित अध्यापक उपस्थित रहे।