संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दीन बंधु छोटू राम थर्मल प्लांट से सटे गांव रतनपुरा के ग्रामीण लंबे समय से थर्मल की राख से परेशान है। राख के कारण घर, कपड़े, वाहन व फसलें काली तक हो रही। ऐसे में ग्रामीणों ने कई बार उनके गांव को दूसरी जगह पर शिफ्ट करने की मांग करते आए हैं। वहीं, चंडीगढ़ में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र में रतनपुरा गांव को दूसरी जगह पर शिफ्ट करने की गूंज सुनाई दी। यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने इस मुद्दे को वहां उठाया।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने यमुना नदी के दूसरे छोर बसे गांव घोड़ो पीपली व टापू माजरी तक जाने के लिए नदी के ऊपर पुल निर्माण करने की मांग रखी।पुल का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को नाव या फिर 40 किमी दूर यूपी से होकर मुख्य हाईवे से होते हुए यमुनानगर शहर आना पड़ता है।
पुल के निर्माण की मांग को लेकर यहां के बाशिंदों ने इस बार लोकसभा व विधानसभा में चुनाव बहिष्कार किया था। चूंकि यहां के ग्रामीणों का कहना है यमुना नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से सेटेलाइट के माध्यम सर्वे भी किया जा चुका है। जिसमें बीच से नदी गुजरती दिखाई दे रही है।
साल 2023 में विभाग की तरफ से इस पुल को बनाने में 164.50 करोड़ रुपये की लागत बताई गई है और 1100 मीटर पुल की लंबाई बताई गई है। किंतु ग्रामीणों में रोष इस बात का है जब सबकुछ हो चुका, उसके बाद पुल को क्यों नहीं बनाया जा रहा है। उधर, विधायक ने इसके अलावा वहां पर बिजली की छोटी इकाई की स्थापना करने की भी मांग रखी, ताकि ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होती रहे।
विधायक ने लावारिस पशुओं व बंदरों से शहर को मुक्त करने, नगर में स्थित सीवरेज सिस्टम, ड्रेनेज सिस्टम थे स्पर्म वाटर सप्लाई सिस्टम को और ज्यादा दुरुस्त किया जाने की भी मांग रखी। इसी प्रकार निगम में सफाई कर्मचारियों की जो संख्या व सिविल अस्पताल यमुनानगर में भी सफाई कर्मचारियों की संख्या कम होने के बारे में उन्होंने जिक्र किया।