जगाधरी। जिले में खेल नर्सरियां खोलने को लेकर विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। नर्सरियों के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं के भौतिक सत्यापन के बाद इसकी अनुमति दी जाएगी। इसके लिए विभाग के पास दस दिन ही शेष बचे हैं। खेल नर्सरियां एक अप्रैल से शुरू की जानी हैं, लेकिन अभी तक सभी आवेदक संस्थाओं की जांच पूरी नहीं हो पाई। इस बार जिलेभर से 135 संस्थाओं ने आवेदन किया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ज्यादा संस्थाओं ने आवेदन किया है।
खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए विभाग की ओर से प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों के अनुसार करीब 70 फीसदी आवेदक संस्थाओं की भौतिक जांच की जा चुकी है। इस बार राजकीय व निजी विद्यालयों, खेल संस्थानों, ग्राम पंचायतों व राजकीय खेल मैदानों की कमेटियों सहित कुल 135 संस्थानों ने आवेदन किया है। खिलाड़ियों को सुविधाएं और अभ्यास के लिए कोच मुहैया करवाने के लिए खेल विभाग खेल नर्सरियां शुरू करवा रहा है। विभाग की ओर से आवेदक संस्थानों का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। इस दौरान खेल नर्सरियों के लिए आवेदन करने वाले संस्थानों में मानकों की जांच की जाएगी। विभाग के मानक पूरे करने वाले संस्थानों को ही खेल नर्सरी चलाने की अनुमति दी जाएगी। इस बार पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा आवेदन आए हैं। पिछले साल कुल 122 संस्थानों ने आवेदन किया था। इनमें से कुल 30 को नर्सरियां चलाने की अनुमति मिली थी। परंतु इसमें से पांच खेल नर्सरियां बंद हो गई थी। बता दें कि नर्सरियों का कार्यकाल एक अप्रैल से 31 जनवरी तक होता है।
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यह नर्सरियां हो गई थीं बंद
नागल के राजीव गांधी खेल परिसर में फुटबाॅल खेल नर्सरी मंजूर हुई थी, पर कोच के ज्वाइन न करने पर शुरू होने से पहले ही बंद हो गई। गोलनी के राजीव गांधी खेल परिसर में एथलेटिक्स की नर्सरी मंजूर हुई थी, जो कोच के छोड़ जाने पर अक्तूबर में बंद हो गई। सुघ गांव में एथलेटिक्स की खेल नर्सरी मंजूर हुई थी, परंतु कोच व खिलाड़ियों उपस्थिति के कारण यह अक्तूबर में बंद हो गई। कोटरा खास कुश्ती की खेल नर्सरी मंजूर हुई, पर कोच ने नर्सरी चलाने में असमर्थता जताई और यह शुरू नहीं हो पाई। गोलनी के राजीव गांधी खेल परिसर में फुटबाॅल की खेल नर्सरी मंजूर हुई थी, पर कोच के ज्वाइन न करने पर यह शुरू नहीं हो पाई।
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खेल नर्सरियां शुरू करने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस बार 135 संस्थानों ने आवेदन किया है। इन संस्थानों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। मानकों पर खरे आने वाले संस्थानों को अनुमति दी जाएगी। समय पर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
शिल्पा गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।