जगाधरी। सरस्वती शिक्षण संस्थान में शिक्षकों के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अर्थशास्त्री कपिल बत्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में संस्थान के सभी अध्यापकों ने भाग लिया। इस दौरान कपिल बत्रा ने अध्यापकों के साथ विद्यार्थियों के साथ सामने आने वाली समस्याओं, चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक अर्जित करना ही शिक्षा का अर्थ नहीं है। अंकों का जीवन में कोई महत्व नहीं है, इंसान को केवल काबिल बनने के लक्ष्य की ओर ध्यान देना चाहिए।
उन्होेंने कहा कि शिक्षकों को हर माता-पिता को यह बात समझानी है कि हर बच्चे के अलग-अलग गुण होते हैं। कोई बच्चा कला तो कोई पढ़ाई में निपुण होता है। हर विद्यार्थी की अपनी एक दुनिया होती है इसलिए हमें उनके रुचि और काबिलियत के अनुसार उन्हें बिना मानसिक दबाव के शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें तीन गुणों को आवश्यक रूप से अपनाना चाहिए। जिसमें ठंडा दिमाग, दिल मजबूत और मीठी जुबान शामिल है। इन तीनों गुना को अपनाकर मनुष्य जीवन में हर सफलता प्राप्त कर सकता है। इस दौरान सरस्वती विद्या मंदिर प्राचार्य सुमित जिंदल, प्राइमरी विंग की मुख्य अध्यापिका मोनिका गुप्ता, मॉडल स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुनैना सहित अन्य उपस्थित रहे।