संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। सिखों की पहली राजधानी लोहगढ़ गुरुद्वारा में बाबा बंदा सिंह बहादुर के शहीदी दिवस पर गुरुमत समागम का आयोजन किया गया। समागम में सुंदर व आकर्षक दीवान साहिब सजाया गया। रागी जत्था गुलजार सिंह व सुखजिंद्र सिंह ने शबद कीर्तन गाकर गुरु की महिमा का गुणगान किया। समागम में बुड्डा दल के बाबा बलबीर सिंह अकाली 96 करोड़ी समेत अन्य ने गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी।
बाबा बलबीर सिंह ने कहा कि बंदा सिंह बहादुर ने समाज के लिए अपने प्राणों की कुर्बानी देकर एक मिसाल कायम की है। सिख धर्म का इतिहास कुर्बानियों से भरा रहा है। जब भी देश को जरूरत पड़ी है सिख कौम ने आगे आकर कार्य किया है। हिमाचल की सीमा के पास स्थित लोहगढ़ किला को संजोकर विकसित करना संगत का कर्तव्य बनता है। यहीं से बाबा बंदा सिंह बहादुर ने सिख साम्राज्य की पहली राजधानी बनाई थी।
यहीं से गुरु के नाम का पहला सिक्का जारी किया था। पूरे देश के सिखों की धार्मिक आस्था इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। बुड्डा दल द्वारा पूरे देश में 500 से अधिक छावनी बनाकर सेवा भाव से संगत की सेवा करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने गुरुद्वारा के निर्माण को लेकर सगत से अपील करते हुए कहा कि वह गुरुद्वारा के पुनर्निर्माण में अपना कुछ न कुछ सहयोग अवश्य करें।
बाबा बलबीर सिंह की ओर से सेवकों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर बरताया गया जो देर शाम तक चलता रहा। इस मौके पर गुरुद्वारा के बाबा हरनेक सिंह, बलदेव सिंह कायमपुरी, सतविंद्र सिंह चावला, चंचल सिंह,अमनदीप सिंह, नरेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में सिख संगत मौजूद रही।