संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले गैंग में शामिल चार युवकों की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गैंग ने साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क फैला रखा था। अब तक की जांच में पता चला है कि गैंग की ओर से एक दिन में एक से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जाती थी। पुलिस अब गैंग के सरगना की तलाश में जुट गई है।
बीते रविवार को यमुनानगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी गैंग का खुलासा किया था। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट करने वाले गैंग में शामिल नोएडा की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के चार छात्रों को गिरफ्तार किया था। ये सभी छात्र आईटी के डिप्लोमा और बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। गैंग के मुख्य आरोपी ने छात्रों से उनके बैंक अकाउंट कमिशन पर खरीदे थे। जिसका उन्हें तीन से चार प्रतिशत कमिशन मिल रहा था।
एसएचओ साइबर क्राइम ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की। जिसमें पता चला है कि बिहार का रहने वाला एक युवक नेटवर्क चला रहा है। जो अलग-अलग स्थानों पर रहकर ठगी करता है। अब तक की जांच में पता चला है कि एक दिन में गैंग द्वारा एक से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करते हैं। इसके लिए अलग-अलग खातों का प्रयोग करते हैं। पुलिस सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि आरोपी युवक की तलाश में 13 से अधिक राज्यों की पुलिस कर रही है।
पुलिस का कहना है कि अब कि जांच में कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। लेकिन, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है तो संदिग्धों के नामों की लिस्ट भी बढ़ती जा रही है। जल्द ही इस प्रकरण में बड़ा खुलासा किया जाएगा।
आरोपियों से पूछताछ में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इन सभी तथ्यों पर काम चल रहा है। जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया जाएगा। -रविकांत, एसएचओ साइबर क्राइम थाना यमुनानगर।