संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। पोटली गांव में भारतीय किसान यूनियन की ओर से पिछले करीब चार माह से चल रहे धरना-प्रदर्शन को लेकर किसानों का सब्र जवाब देने लगा है। यूनियन के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अपने रास्ते और हक की लड़ाई लड़ने के लिए इस भीषण ठंड में भी दिन-रात धरने पर डटे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
सुभाष गुर्जर ने आरोप लगाया कि हाईवे के अधिकारी लगातार प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों का रास्ता दो दिन में खुलवाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उस घोषणा के बावजूद आज तक प्रशासन की ओर से किसानों को कोई जवाब नहीं मिला। इससे किसानों में भारी रोष है। इसी मुद्दे को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीसी से मिलेगा।
यह बैठक रास्ते को लेकर आखिरी होगी। यदि इस बैठक में भी कोई समाधान नहीं निकलता है तो इसके बाद किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि इसके बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने भी नए वर्ष पर रास्ता खोलने की घोषणा करने की बात कही है। वे अब किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
रास्ते के लिए अगर कोई भी कुर्बानी देनी पड़ी तो किसान इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज किसान अपनी कस्सी चलाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। धरना स्थल पर दीप राणा नंबरदार, महेंद्र कांबोज चमरोड़ी, श्याम सिंह धनौरा, धर्मबीर, अमलोहा, सतपाल, रोशन लाल, धर्मपाल, राजेंद्र निरंजन, हाकम सिंह मौजूद रहे।