संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी अजीब तरह के मामले आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके कहा कि वह जिस निजी स्कूल में पढ़ता है वहां से उसे टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) नहीं दिया जा रहा। इतना ही नहीं छात्र के माता-पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल पर बच्चे के अपहरण तक का आरोप लगा दिया। मामला पुलिस तक पहुंच गया। स्कूल में जाकर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम व पुलिस को पता चला कि छात्र 11वीं कक्षा में फेल है जबकि वह पास होने का टीसी मांग रहा था।
यह मामला खंड छछरौली के एक निजी स्कूल का है। एक छात्र ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके कहा था कि वह निजी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता है। वह स्कूल को छोड़ कर किसी दूसरे स्कूल में दाखिला लेना चाहता है, लेकिन प्रिंसिपल टीसी नहीं दे रहे है। मामला शिक्षा विभाग से संबंधित था, इसलिए चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम को भी पहले कुछ समझ में नहीं आया।
शिकायत पर चाइल्ड हेल्पलाइन व जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम स्कूल में पहुंची। प्रिंसिपल ने टीम को बताया कि यह छात्र 11वीं कक्षा में फिजिक्स व केमिस्ट्री के पेपर में फेल है। वह उसे फेल का टीसी देने को तैयार है, लेकिन छात्र के माता-पिता पास होने का टीसी मांग रहे हैं। फिर भी बच्चे के भविष्य को देखते हुए उन्होंने छात्र को दोनों पेपर दोबारा देने को कहा।
जिस दिन पेपर था उस दिन छात्र स्कूल में आया ही नहीं। ऐसे में वह उसे बिना परीक्षा के पास कैसे कर सकते हैं। इसी दौरान छात्र के पिता ने आरोप लगा दिया कि प्रिंसिपल ने उसके बेटे का अपहरण कर लिया है। स्कूल का टीसी मांगने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर प्रिंसिपल ने डायल 112 पर फोन करके पुलिस बुला ली।
छानबीन में अपहरण की बात झूठी निकली। घंटों चली बातचीत के बाद निर्णय लिया गया कि छात्र को परीक्षा देने का एक आखिरी मौका दिया जाए। इस पर स्कूल की तरफ से केवल एक छात्र के लिए विशेष रूप से फिजिक्स व केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र तैयार करवाया गया और छात्र ने परीक्षा दी। फिलहाल परिणाम घोषित नहीं किया गया है।
डीसीपीओ का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे रंजन शर्मा ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आने के बाद टीम स्कूल में गई थी। छात्र की परीक्षा दिलवा दी गई थी। वह कार्रवाई से संतुष्ट हैं।