संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। कड़ाके की ठंड से सामान्य जन जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त है। सर्दी से जहां लोग परेशान हैं, वहीं इसका अन्य जीव-जंतुओं पर भी असर पड़ रहा है। ठंड से दुग्ध उत्पादन कम हो गया है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सप्ताह ठंड से कोई राहत नहीं मिलेगी। आठ व नौ जनवरी को बारिश की संभावना है।
बारिश के बाद नमी होने से इस खुश्क सर्दी से राहत मिलेगी, लेकिन ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। पूरे सप्ताह इससे राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह पारा तीन डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
इस दौरान 12 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बर्फीली हवा चली। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम 14.5 व न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इसी तरह वीरवार को अधिकतम 13.9 और न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। पूरे सप्ताह इसी तरह ठंड रहेगी। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों का घर से निकलना मुहाल हो गया है। लोग बेहद जरूरी काम से ही बाहर निकलते हैं। दिन ढलने के बाद शहर की मुख्य सड़कें व बाजार वीरान नजर आते हैं। वहीं, कड़ाके की सर्दी के कारण पशु भी बेहाल है। सबसे ज्यादा असर दुधारू पशुओं पर पड़ा है। दुग्ध उत्पादन में करीब 15 प्रतिशत की कमी आई है। ऐसे में पशुओं को सर्दी से बचाने के पालक विभिन्न तरीके अपना रहे हैं। डेयरी संचालकों ने तबलों व गोशालाओं के खुले स्थान ढक दिए हैं। तड़के व शाम को आग जलाकर गर्मी उत्पन्न की जा रही है। पशुओं को भी मोटे कंबल ओढाए जा रहे हैं। मंगलवार को भी कड़ाके की ठंड रही। तड़के कोहरा रहा, लेकिन सूर्योदय के बाद चली हवा से कोहरा छंट गया। लेकिन हवा के कारण ठंड बढ़ गई। आसमान पर बादल छाए रहे। दोपहर करीब 12 बजे धूप निकलने लगी। हल्की धूप से ही लोगों को भारी राहत मिली। धूप निकलने पर लोगों को पार्कों, बगीचों, गलियों व छतों पर बैठे देखा गया। परंतु दिन ढलने के बाद फिर से ठंड बढ़ गई।
सर्दी से कम दूध दे रहे पशु : प्रमोद कुमार
डेयरी संचालक प्रमोद कुमार ने बताया कि उसकी भैंस प्रतिदिन 14 लीटर दूध देती थी। वहीं, गाय सात से आठ लीटर दूध देती थी, लेकिन ठंड से इसमें कमी आई है। अब भैंस करीब 10-11 लीटर दूध दे रही है और गाय दिनभर में पांच लीटर दूध दे रही है।पशु चिकित्सक डॉ. विजय चौधरी ने बताया कि ज्यादा ठंड का असर पशुओं के दूध पर पड़ता है। इस मौसम में पशुु पूरी फीड नहीं ले पाते और न ही पूरा पानी पीते हैं। इससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और दूध की कमी आती है। ऐसे में पशुओं को गर्म स्थान पर रखें और उन्हें ठंड में बाहर न बांधे। कमरा गर्म रखने के लिए आग जलाएं।
जगाधरी के सिविल अस्पताल में धूप सेंकते लोग। संवाद
जगाधरी के सिविल अस्पताल में धूप सेंकते लोग। संवाद