संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ट्विनसिटी यमुनानगर-जगाधरी में नालों की सफाई में हो रही देरी आगामी मानसून सीजन में शहरवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। नगर निगम की ओर से फरवरी के पहले सप्ताह में सफाई कार्य शुरू कराने का दावा किया गया था, लेकिन अब इसे मार्च तक टाल दिया गया है।
जिस हिसाब से हर साल नालों से मिट्टी, गाद, कूड़ा, कपड़े व गद्दे तक निकलते हैं उसे देखते हुए तो लगता है कि मानसून से पहले नालों की पूरी तरह सफाई होना मुश्किल ही हो पाएगी। इसका सीधा असर बरसात के दिनों में जलभराव और गंदे पानी के घरों में घुसने के रूप में सामने आ सकता है।
नगर निगम क्षेत्र में छोटे-बड़े कुल 32 नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 58 किलोमीटर है। हर साल मानसून से पहले इन नालों की सफाई कराना अनिवार्य होता है, ताकि बरसाती पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। लेकिन इस बार सफाई कार्य शुरू न होने से अधिकांश नाले कचरे, पॉलीथिन और गाद से अटे पड़े हैं।
कई स्थानों पर नालों का पानी पहले से ही धीमी गति से बह रहा है, जो आने वाले दिनों में खतरे की घंटी साबित हो सकता है। स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं नालों पर किए गए अवैध कब्जे। शहर के कई इलाकों में लोगों ने नालों को पाट कर या उन पर निर्माण कर लिया है। इन कब्जों के कारण नालों की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे सफाई कार्य में भी दिक्कत आती है।
नगर निगम अब तक इन कब्जों को हटाने में सफल नहीं हो पाया है। जगाधरी से निकलने वाला मुख्य नाला यमुनानगर की करीब एक दर्जन कॉलोनियों से गुजरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाकर गिरता है। इस नाले की नियमित सफाई न होने के कारण आसपास के इलाके हर साल जलमग्न हो जाते हैं।
जगाधरी के गौरी शंकर कॉलोनी मंदिर, देवी भवन बाजार, श्मशान घाट रोड, सिविल लाइन, गांधी धाम, मटका चौक से बर्तन बाजार तक का क्षेत्र बारिश होते ही पानी में डूब जाता है। यमुनानगर शहर में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। प्रोफेसर कॉलोनी, स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास का इलाका, एफसीआई गोदाम के आसपास का क्षेत्र, बस स्टैंड के नजदीक लाजपत नगर और अन्य कई मोहल्लों में बरसात के दिनों में नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं।
शहरवासी रमन, सतीश, विजय का कहना है कि अब तो मौसम का कुछ पता ही नहीं है कब करवट लेकर तेज बारिश होने लगे। अब तो मानसून से पहले भी जोरदार बारिश होने लगती है। ऐसे में अब केवल मानसून सीजन का ही इंतजार नहीं करना चाहिए। अगर समय रहते नालों की सफाई और अवैध कब्जे नहीं हटाए गए तो इस बार मानसून और ज्यादा मुश्किलें लेकर आएगा।
नालों में सफाई का कार्य मार्च में शुरू करा दिया जाएगा। पार्षदों से भी नालों की सफाई परर सुझाव मांगे हैं। जिन जगहों पर जलभराव ज्यादा होता है, वहां पर सफाई का विशेष ध्यान दिया जाएगा। - सुमन बहमनी, मेयर, यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।
जगाधरी में निजी पैलेस के पास गंदगी से अटा नाला। संवाद- फोटो : टूंडला स्टेशन पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का स्वागत करते भाजपाई संगठन