संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी के बाहर कुर्सियों पर बैठे मरीजों की भीड़ नजर आई। कोई कमर दर्द से कराहता दिखा, तो कोई आंखों में जलन की शिकायत लेकर डॉक्टर का इंतजार करता रहा। दोपहर तक विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी तक नहीं पहुंचे। अस्पताल के अधिकांश विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी ऑपरेशन थियेटर में लगी थी।
आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में कई बीमारियों का इलाज बंद होने के बाद सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव तेजी से बढ़ा है। सर्जरी के मामलों में मरीजों को सप्ताह तक की वेटिंग दी जा रही थी। इसी वेटिंग को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने पांच से सात फरवरी तक जिला नागरिक अस्पताल और उप जिला नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए विशेष सर्जरी कैंप लगाए हैं।
इन कैंपों के तहत हड्डी रोग, आंख, ईएनटी, गायनी समेत अन्य सर्जरी विशेषज्ञों द्वारा लगातार ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हालांकि सर्जरी कैंप मरीजों के लिए राहत लेकर आए हैं, लेकिन इसका सीधा असर ओपीडी सेवाओं पर पड़ा है। डॉक्टरों की कमी के चलते कई ओपीडी में डॉक्टरों की खाली कुर्सियां नजर आई। कुछ केबिन में केवल एमबीबीएस डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
ओपीडी में पहुंचे मरीजों का कहना है कि एमबीबीएस डॉक्टर पुराने पर्चे देखकर पहले से लिखी दवाओं को ही दोहरा रहे हैं। नई समस्या या गंभीर बीमारी वाले मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श नहीं मिल पा रहा। अस्पताल में पहुंचे दीपक, राजीव ने बताया कि वे सुबह से अस्पताल पहुंचे हुए हैं। उम्मीद थी कि जल्दी नंबर आ जाएगा, लेकिन दोपहर तक भी डॉक्टर नहीं मिले।
अस्पताल में हड्डी रोग के डॉक्टर से लेकर फिजिशियन तक नहीं है। बुजुर्ग मरीजों के लिए लंबा इंतजार और भी परेशानी भरा साबित हो रहा है। कुछ मरीज मजबूरी में बिना दिखाए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ ने निजी क्लीनिक का रुख किया। यह व्यवस्था 11 फरवरी तक इसी तरह जारी रहने की संभावना है।
इसी वजह से पिछले दो दिनों से ओपीडी में मरीजों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को पहले ही यह जानकारी मिल रही है कि विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए वे अस्पताल आने से बच रहे हैं।
सर्जरी कैंप का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान कार्ड धारकों को समय पर ऑपरेशन सुविधा उपलब्ध कराना है। कैंप समाप्त होने के बाद ओपीडी व्यवस्था को फिर से सामान्य हो जाएगा। तब तक ओपीडी में अन्य डॉक्टर मरीजों का चेकअप कर रहे हैं। - डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
जिला नागरिक अस्पताल में फिजिशियन का इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : kathua news