संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम पर अंकुश लगाना पुलिस के सामने चुनौती है। हरियाणा में साइबर क्राइम के मामलों में एकाएक वृद्धि हुई है। जिस तरीके से साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं, उतनी तेजी से कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि, यमुनानगर पुलिस का रिकाॅर्ड ठीक है। साइबर क्राइम के मामलों में पैसे होल्ड कराने और केस का निपटारा करने में यमुनानगर पुलिस प्रदेश में छठे नंबर पर है।
हाल ही में साइबर क्राइम पर एक जनवरी से अगस्त माह तक की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें सभी जिलों की फील्ड यूनिट द्वारा की गई कार्रवाई का ब्योरा है। रिपोर्ट के अनुसार यमुनानगर पुलिस इस मामले में पूरे प्रदेश में छठे नंबर पर है। पहले नंबर पर जीआरपी दूसरे पर रोहतक, तीसरे स्थान पर फरीदाबाद, चौथे नंबर पर गुरुग्राम व पांच स्थान पर कैथल है।
यमुनानगर की टीम का वर्कआउट रेट 32 फीसदी से अधिक है। जबकि, पैसे होल्ड कराने के मामले में टीम 17 फीसदी सफल हुई है। जबकि, 35 फीसदी पैसे रिफंड कराए गए हैं। साइबर क्राइम थाने में अब तक 108 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से कई मामलों में पुलिस ने खुलासा कर चुकी है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा अब तक 58 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बीते एक सप्ताह में ही 12 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दिल्ली, नोएडा और जयपुर से संचालित हो रहे गैंग का खुलासा किया गया है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस लगातार वर्कआउट पर ध्यान दे रही है। कई गैंग का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।अभी कुछ मामलों में जांच चल रही है। जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - रविकांत, एसएचओ साइबर क्राइम था।