फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: दबिश देती रहती है जिला पुलिस और बदमाश नहीं आते हैं गिरफ्त में

Mon, 17 Mar 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
दीपेंद्र कुमार
विज्ञापन

यमुनानगर। छह माह में जिले में कई बड़ी अपराधिक वारदात हुई। इससे पूरे प्रदेश में जिला सुर्खियों में रहा। इन सभी वारदात में जिला पुलिस पूरी तरह से फेल साबित हुई। यमुनानगर पुलिस दबिश देती रही और अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई। वहीं दूसरे जिलों की पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में कामयाब हुई।
यमुनानगर की ज्यादातर बडी़ वारदातों का खुलासा भी दूसरे जिलों की पुलिस ने ही किया है। दिसंबर माह में रादौर क्षेत्र की खेड़ी लक्खा सिंह चौकी पर फायरिंग की वारदात हुई थी। इसमें तीन युवकों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने शूटरों को काबू करने के लिए पूरी एडी चोटी के जोर लगा दिया। आज तक पुलिस एक भी शूटर को काबू नहीं कर पाई है।
विज्ञापन

इसके बाद इस मामले की विवेचना को यमुनानगर पुलिस ने लेकर एसटीएफ को सौंप दिया गया। इससे ठीक एक माह पहले नवंबर माह में यमुनानगर के जगाधरी रोड पर ज्वेलरी शोरूम में डकैती हुई थी। यह मामला भी यमुनानगर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था। इस मामले में भी जिला पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच पाई।
यूपी पुलिस ने शामली के झिंझाना में हुई मुठभेड़ में चार बदमाश ढेर कर दिए थे। जिसमें दावा किया गया था कि उन्हीं बदमाशों ने यमुनानगर में डकैती की वारदात की थी। फरवरी में यमुनानगर शहर में कालिंदी कालोनी में कारोबारी के आवास पर फायरिंग हुई थी।
विज्ञापन

इस मामले में गैंगस्टर नोनी राणा का नाम आया था। इस वारदात का खुलासा भी अंबाला एसटीएफ और कुरुक्षेत्र पुलिस ने किया था। एसटीएफ और कुरुक्षेत्र पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य शूटर को काबू किया था। पुलिस ने प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ कर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। हाल ही में दुर्गा गार्डन में मां-बेटे पर हुई फायरिंग के मामले में भी पुलिस को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी। वहीं, पास के ही कैथल जिले की पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य शूटर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इसी तरह अन्य मामलों खुलासा करने में जिला पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें