संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हर माह होने वाली सड़क सुरक्षा की बैठक दो महीने से नहीं हुई है। बैठक न होने से सड़कों पर हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। आए दिन सड़क हादसों में किसी न किसी की जान जा रही है। बारिश से ज्यादातर सड़कों की हालत बिगड़ चुकी है। यहां तक की पिछली बैठक में जो काम होने थे वह भी आज तक पूरी नहीं हो पाए।
जब से बारिश शुरू हुई है तब से सड़कों की हालत क्या हो गई है यह किसी से छिपा नहीं है। सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। डिवाइडर टूटे पड़े हैं। डिवाइडर है तो इन पर लगी लोहे की ग्रिल गायब है। जिला परिवहन विभाग की तरफ से सड़क सुरक्षा को लेकर जो साइन बोर्ड लगाए गए थे उनमें से ज्यादातर वाहनों की टक्कर से टूट चुके हैं।
महाराणा प्रताप चौक (पुराना नाम कमानी चौक) से रेलवे बाईपास तक सड़क पर लगी रेलिंग को 10 फीट तक ऊंचा उठाने को कहा गया था, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। यहां पीडब्ल्यूडी की तरफ से स्पीड ब्रेकर लगाए गए थे। ब्रेकर ऐसे लगे कि 10 दिन भी ठीक से नहीं चल पाए। अब कहीं ब्रेकर रह गए हैं और कहीं नहीं। यहीं पर रेलवे बाईपास के नीचे अंडरपास बनना था, जो अब तक टेंडर प्रकिया में ही उलझा हुआ है।
जगाधरी से पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर बने डिवाइडर के बीच लोहे की ग्रिल लगनी थी, जो अब तक नहीं लगी। उल्टा जो पहले ग्रिल पहले से लगी थी वह भी चोरी हो गई या फिर इसे तोड़ कर लोगों ने अवैध कट बना लिए हैं। खराब स्ट्रीट लाइटें भी अभी तक ठीक नहीं हो पाए हैं। शहर में जो ट्रैफिक कंट्रोल लाइटें लगी हैं उनमें से भी सभी ठीक से काम नहीं कर रही।
सड़क सुरक्षा की बैठक गत माह फाइनल की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब बैठक कराने के लिए डीसी को पत्र लिखा है। जल्द ही तारीख फाइनल हो जाएगी, जिसमें सभी विभागों से रिपोर्ट ली जाएगी उन्होंने कौन से काम किए हैं और जो पूरे नहीं हुए., उसके पीछे क्या वजह रही। - हैरतजीत कौर, डीटीओ, यमुनानगर।