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डिप्टी मेयर की पत्नी और बेटा को डेंगू

Tue, 29 Oct 2013 12:22 AM IST
यमुनानगर
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शहर में डेंगू कहर बनकर बरप रहा है। मेयर के वार्ड में सैकड़ों बीमार लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं, तो डिप्टी मेयर रामपाल की पत्नी और बेटा इसकी चपेट में हैं। डेंगू की चपेट में आने से डिप्टी मेयर की पत्नी को चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में भर्ती कराना पड़ा, वहीं बेटे का एक प्राइवेट अस्पताल से उपचार चल रहा है।
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डिप्टी मेयर का घर लाजपत नगर में पड़ता है, जहां पर इस समय सैकड़ाें लोगों में डेंगू के मिले हैं। डिप्टी मेयर का कहना है कि दिनोंदिन संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से यहां पर कुछ नहीं हो रहा है। सैकड़ों लोग बीमार होने के बाद भी यहां पीड़ित लोगों के रक्त की स्लाइड बनने के लिए कोई टीम नहीं पहुंची है।

बारह हजार रहे गए थे प्लेटलेट्स
डिप्टी मेयर ने बताया कि कई दिनों से पत्नी बीमार थी। पहले तो शहर के ही प्राइवेट अस्पताल में इलाज चलता रहा है, लेकिन बुखार पर काबू नहीं पाया जा सकता। डॉक्टर ने चंडीगढ़ रेफर कर दिया, यहां पर जांच में पता चला कि डेंगू हो गया है। इससे प्लेटलेट्स घटकर 12 हजार रह गए हैं। उनका कहना है कि लगातार ट्रीटमेंट के बाद प्लेटलेट्स में कुछ सुधार हुआ है।
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कई बार कहा सीएम को
डिप्टी मेयर रामपाल ने बताया कि क्षेत्र में काफी लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से ध्यान ही नहीं दिया गया। सीएमओ को कई बार फॉगिंग के लिए कहा, लेकिन पूरे क्षेत्र में फॉगिंग नहीं की गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते पूरे क्षेत्र में फॉगिंग हो जाती तो हालात इतने नहीं बिगड़ते।

एरिया में ये भी बीमार
डिप्टी मेयर की पत्नी शकुंतला चार दिन से बीमार, बेटा सूरज एक सप्ताह से बीमार, मंजू दो दिन से चपेट में, गौरी एक सप्ताह से बीमार, जयराम यादव दस दिन से, कृष्ण तीन दिन से, रवि दो दिन से, कृष्णा एक सप्ताह से, रामप्यारी चार दिन से चपेट में, वीना दो दिन से, धर्मदास चार दिन से और अन्य लोग संदिग्ध डेंगू की चपेट में हैं। लोगों ने बताया कि सभी प्राइवेट अस्पताल से दवा ले रहे हैं, अस्पताल की लेबोरेटरी से जांच कराई तो उनकी ओर से डेंगू के लक्षणों की बात कही गई है। जांच में इन सभी के प्लेटलेट्स 80 हजार से कम थे।

औपचारिकता ही हुई
क्षेत्र के समाजसेवी हरिद्वार सिंह, शेषनारायण और धर्मदेव यादव ने बताया कि पंद्रह दिन पहले यहां पर स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग करने आए थे, लेकिन उन्होंने कुछ गलियों में ही फॉगिंग की और चलते बने। उनका कहना है कि सफाई के लिए कई बार नगर निगम ईओ को कहा गया, लेकिन उनकी ओर से भी सफाई के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं भेजा गया। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने से भी लोग बुखार की चपेट में हैं।

खारवन में पहुंचा स्वास्थ्य विभाग
गांव खारवन में बुखार से हरिवंद्र वालिया की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग रातभर गांव में ही जमा रहा। सीएमओ डा. एमआर पासी ने बताया कि गांव में रात को ही 80 स्लाइड बनाई गई थी और सोमवार दिन में भी टीम वहीं पर रही। टीम ने 200 स्लाइड बनाई है। उनका कहना है कि कुछ मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिले हैं। उनका यह भी कहना है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है उसे डेंगू नहीं था।
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