संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शिक्षा निदेशालय निजी स्कूलों की मनमानी और अमान्य स्कूलों के प्रति गंभीर नजर आ रहा है और इसके लिए जिला विभाग को ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश हैं। आदेश पर विभाग ने कई स्कूलों का निरीक्षण किया और सभी में खामियां पाई गई। विभाग ने स्कूलों को नोटिस देकर दो दिन में जवाब मांगा, लेकिन दो सप्ताह बाद भी उत्तर नहीं आया। कार्रवाई कोई नहीं हुई।
निदेशालय अधिकारियों को कार्रवाई का आदेश दे रहा है और जिला विभाग रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई के आदेश मांग रहा है। निदेशालय से जिला और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से निदेशालय कार्यालय में गेंद उछाल कर टाइम पास हो रहा है। जब कार्रवाई करेंगे तब तक स्कूलों में दाखिले भी पूरे हो चुके होंगे।
शिक्षा निदेशालय ने कार्रवाई के आदेश जिला विभाग को दिए हैं। वहीं, जिला विभाग ने निरीक्षण में मिली खामियों की रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेज दी हैं। निदेशालय ने शिक्षा विभाग को कार्रवाई करने के लिए आदेश पत्र जारी किया है, लेकिन विभाग ने रिपोर्ट भेजी है और कार्रवाई के आदेश मांगे हैं। निदेशालय व जिला विभाग के बीच गेंद उछाल खेल चल रहा है।
वहीं दूसरी तरफ कार्रवाई न होने से स्कूलों के हौसले बुलंद हैं। जिले के तमाम स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें, नाम प्रिंटिड नोटबुक व डायरी, फार्म-6 की अवमानना, पुस्तकों का विवरण न देना इत्यादि खामियां मिली हैं। इन खामियों के आधार पर संबंधी स्कूल की मान्यता स्थायी और अस्थायी रूप से रद्द करने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने जिले के विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों में खामियां मिली थी, जिसके आधार पर नोटिस जारी किया गया था। निरीक्षण की रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजी गई है,। निदेशालय की ओर से कार्रवाई के आदेश मांगे गए हैं। -प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।
निरीक्षण के दौरान जिन स्कूलों में खामियां और निजी प्रकाशकों की पुस्तकें मिली थीं, उनका स्पेशल केस बनाया गया है। पूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई है। निदेशालय के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।