संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक तरफ जहां सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दशा को सुधारने के लिए बजट दे रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले के कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां व्यवस्थाओं का अभी भी अभाव है। अव्यवस्था वालें स्कूलों को शिक्षा विभाग चिन्हित कर उन पर शिकंजा कसने के मूड में है।
जिले के सरकारी स्कूलों में एक लाख से अधिक विद्यार्थी पड़ते हैं। अव्यवस्थाओं के कारण विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।वहीं विभाग अब जिन सरकारी स्कूलों में जो-जो अव्यवस्था बनी उसकी सूची भी तैयार करेगा। इसके बाद अव्यवस्था क्यों रही इसका भी जवाब लेगा।
गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में फायर सिलिंडर, शौचालयों की दशा सही व साफ सुधरे होने चाहिए, खेल मैदान भी साफ, स्कूल भवन की मरम्मत सही और सफेदी की होनी चाहिए, पानी की टंकी साफ-सुथरी होनी चाहिए इत्यादि कार्य दुरुस्त होने चाहिए। लेकिन विभाग की कमेटी के अनुसार कई सरकारी स्कूलों में अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है।
इसके चलते शिक्षा विभाग की तरफ से अव्यवस्था को लेकर कारण जाना जानेगा। बताया जा रहा है दो साल में सरकारी स्कूलों की सुविधाओं के लिए 28 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं,इसके बाद भी कई सरकारी स्कूलों अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं। उनकी सूची को तैयार किया जा रहा है।
जिन सरकारी स्कूलों में अव्यवस्था बनी हुई है, उनसे इस बारे में जानकारी ली जायेगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से समय-समय पर जो बजट आता है वह स्कूलों को जारी कर दी जाता है। स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई व व्यवस्था दुरुस्त हो इसके लिए विभाग के शिक्षक निरंतर प्रयासरत हैं। - शिवकुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी।