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झाड़ियों में मिली दर्जी की पर्ची से हुई मृतक की हुई शिनाख्त

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। रेलवे स्टेशन के पास गला घोंट हत्या कर झाड़ियों में फेंके गए मृतक युवक की पहचान बिहार के जिला मोतिहारी के गांव ढेकाहा गोस्वामी टोला निवासी सोहराज आलम (30) के रूप में हुई है। वह रविवार शाम को वह अपनी बहन से काम की तलाश में जाने की बात कहकर निकला था। शव से कुछ दूरी पर मिली एक दर्जी की पर्ची के आधार पर रेलवे पुलिस ने उसकी शिनाख्त की। पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क कर पहले दर्जी को बुलाया गया। शिनाख्त होने पर बिलासपुर में रह रही उसकी बहन जरीना खातून का मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने मृतक की बहन जरीना खातून के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में सोमवार की दोपहर शव मिला था। उसके गले में परना बंधा था। परने से उसकी दोनों बाजू कमर की तरफ कर बांधी गई है। सिर व शरीर पर चोटों के निशान थे। जीआरपी थाना प्रभारी नरेंद्र प्रसाद के मुताबिक जब पड़ताल शुरू की गई तो झाड़ियों से शव से कुछ दूरी पर एक पर्ची मिली। पर्ची पर समीर टेलर का नाम व मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। पुलिस ने समीर को फोन कर थाने में बुलाया। यहां उसे मृतक की फोटो दिखाई गई।
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उसने उसकी पहचान सोहराज आलम के रूप में की। उसने बताया कि सोहराब भी दर्जी का काम करता है। उनके पास तीन दिन से कार्य कर रहा था। वह मोबाइल नहीं रखता था। वह उसके मोबाइल से ही कभी कभार फोन कर लेता था। इसके बाद पुलिस ने समीर के मोबाइल से सोहराज की ओर से किए गए नंबरों पर संपर्क किया तो वे बिहार में मिले। वहां से उन्हें पता चला कि सोहराज की एक बहन बिलासपुर के गांव रामखेड़ी में रहती है। इसके बाद उसकी बहन जरीना खातून से संपर्क किया गया।
सोहराज ने की थी दो शादियां
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गांव अकुराहां निवासी जरीना खातून ने बताया कि वह बिलासपुर के गांव रामखेडी में किराए पर करीब छह साल से अपने पति व बच्चों के रहती है। उसके भाई सोहराज आलम की दो शादियां थी। पहली पत्नी शकीला खातून के पास दो लड़के व एक लड़की है। कुछ साल पहले शकीला खातून की आंखों की रोशनी चली गई थी। वह अपने बच्चों सहित मायके में रह रही है। उसके बाद उसके भाई ने करीब छह साल पहले बिहार के गांव भागलपुर निवासी मोकीना खातून के साथ दूसरी शादी कर ली थी, जिसके पास एक लड़की आयशा खातून है। आयशा अपनी बच्ची सहित अपने मायके भागलपुर में रह रही है। उसका भाई सोहराज आलम पांच साल से यमुनानगर जगाधरी में दर्जी का काम करता था। करीब 15 दिन पहले उसका भाई उसे गांव जाने की बात कहकर गया था। रविवार सुबह करीब आठ बजे वह बिहार से लौटकर उसके पास गांव रामखेडी आ गया था। उसी दिन शाम को करीब चार बजे वह काम की तलाश करने की बात कहकर गया था।
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बहन ने आने से किया मना तो पुलिस ने गाड़ी भेजकर बुलाया
जीआरपी थाना प्रभारी नरेंद्र प्रसाद ने बताया कि मृतक की बहन जरीना खातून को फोन कर उसके भाई की मौत की सूचना दी। लेकिन पहले तो उसने आने से ही मना कर दिया। लेकिन बाद में गाड़ी भेजकर उसे थाने में बुलाया गया। यहां पर उसने शव की शिनाख्त अपने भाई के रूप में की। मृतक का एक चाचा भी यहां किसी फैक्टरी में कार्य करता है। उसे भी बुलाया गया है, लेकिन वह नहीं आया। मामले को ट्रेस करने के लिए टीमें लगी हुई हैं।
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