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घर-घर जाकर अध्यापक कर रहे बच्चों का दाखिला

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एक घर में बच्चों का सर्वे करते अध्यापक। - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिले में शिक्षक डोर टू डोर जाकर सर्वे कर रहे हैं और जिन बच्चों का किसी स्कूल में दाखिला नहीं है, उनके अभिभावकों को जागरूक कर उनका दाखिला कर रहे हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडोली के अध्यापकों ने प्रधानाचार्य हुकम सिंह के मार्गदर्शन में गांव मंडोली में नामांकन अभियान चलाया और घर-घर जाकर बच्चों का सरकारी स्कूल में दाखिला किया। शिक्षक महेंद्र सिंह कलेर ने बताया कि कारोना महामारी के कारण बच्चों के दाखिले प्रभावित हुए हैं। लॉकडाउन के कारण बहुत से बच्चों के अभिभावकों बच्चों का दाखिला स्कूल में नहीं करा पाए, इसलिए बच्चों को दाखिला देने तथा अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए सरकारी स्कूलों के अध्यापक अभिभावकों के घर-घर पहुंचकर बच्चों का दाखिला कर रहे है, साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है, जिसका अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अभिभावक बढ़-चढ़कर सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर सर्वे जारी रहेगा ताकि कोई भी बच्चा बिना दाखिला व शिक्षा के न रहे। इसके साथ ही बच्चों से पुरानी किताबें लेकर दूसरे बच्चों को दे रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। बच्चों व अभिभावकों को ऑनलाइन पढ़ाई के प्रति भी प्रेरित किया गया।
उन्होंने कहा कि अबकी बार कोरोना काल के कारण कक्षा पांचवीं के छठी में, आठवीं के नवीं में तथा दसवीं के ग्यारहवीं में दाखिला प्रक्रिया प्रभावित हुई है, लेकिन सरकारी स्कूलों के अध्यापक मोबाइल के माध्यम से संपर्क करके व डोर टू डोर सर्वे करके दाखिला प्रक्रिया में जुटे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करना जरूरी है ताकि बच्चों और अभिभावकों को प्रेरित किया जा सके, अभिभावकों को जानकारी के अभाव में ही दाखिला प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
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