फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाइक के लिए बेटी के पेट में मारे लात घूसे

Wed, 09 Oct 2013 05:06 PM IST
अमर उजाला, यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर के आजाद नगर की गली नंबर एक में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट कर उसकी हत्या की है।
विज्ञापन


मारपीट में ससुराल वालों ने उसके पेट में लात घूसे मारे, जिसमें पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे और गर्भवती महिला की मौत हुई। महिला की मौत के बाद आजाद नगर और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दोनों पक्षाें ने जमकर हंगामा भी किया।

पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता रामचंद्र की शिकायत पर पति सुरेश, ससुर पाला राम, सास महेंद्रो देवी और ननद रानी पर दहेज हत्या का केस दर्जकर लिया है।
विज्ञापन


सिरसगढ़ गांव निवासी रामचंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चार दिसंबर 2011 को उसने अपनी बेटी रिंपी देवी का विवाह आजाद नगर की गली नंबर एक निवासी सुरेश कुमार के साथ किया था। विवाह के समय उन्हाेंने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज दिया।

आरोप है कि विवाह के कुछ दिनों बाद ही उसके ससुराल पक्ष के लोग उसकी बेटी रिंपी को बाइक के लिए प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर फरवरी 2012 में उसके ससुराल वालों ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया, जिसके बाद कुछ मौजिज लोगों ने उन्हें समझाया।

इस दौरान उन्हाेंने ससुराल पक्ष के लोगों को दस हजार रुपये देकर ससुराल भेज दिया। कुछ दिनों तक सबकुछ ठीक चलता रहा, लेकिन इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग उनसे बाइक की मांग करने लगे।

रामचंद्र ने बताया कि चार अक्तूबर को उनकी बेटी ने उन्हें फोन पर बताया कि उसका पति और अन्य ससुराल पक्ष के लोग उससे बाइक के लिए मारपीट करते हैं। इस दौरान उसकी बेटी आठ माह के गर्भ से थी।

आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर छह अक्तूबर को उसके पति सुरेश, ससुर पाला राम, सास महेंद्रो देवी और ननद रानी ने फिर से उसके साथ मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने उसके पेट में भी लात व घुसे मारे, जिससे उसकी बेटी के पेट में दर्द होने लगा।

यहां से वह उसे एक निजी डाक्टर के पास ले गए। जहां से गंभीर हालत में महिला को सिविल अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने यह से भी उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। जहां सोमवार सुबह चिकित्सकों ने उसे मृत बताया। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मृतका के मायके वाले शव को अपने साथ सिरसगढ़ गांव ले गए।
 
बिना पोस्टमार्टम करवाएं लाए शव
पीजीआई चंडीगढ़ में गर्भवती महिला के साथ उसका पति और मायके से महिला के पिता रामचंद्र समेत कई अन्य लोग पहुंचे। महिला की मौत के बाद पीजीआई में ही परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम करवाए शव को आजाद नगर में लेकर पहुंच गए।

अंतिम संस्कार के समय माहौल गर्म
सोमवार शाम को परिजन महिला को शव लेकर आजाद नगर में पहुंचे। परिजन संस्कार की तैयारियां कर ही रहे थे कि कुछ महिलाएं आपस में लड़ने लगीं। इस दौरान मृतक महिला के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर विवाहिता की मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। जिस पर वहां हंगामा हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने परिजनों को शांत किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया।

दो घंटे तक चली पंचायत
महिला की मौत के बाद वर व वधु पक्ष के सैकड़ों लोग पोस्टमार्टम हाउस के बाहर इकट्ठे हो गए। यहां उन्हाेंने जमकर बवाल किया। दोनों पक्षों के मौजिज लोगों ने परिजनों को शांत किया। इसके बाद करीब दो घंटे तक परिजनों की गमगीन माहौल में पंचायत हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के कु छ लोग तीखे तेवर में नजर आए, लेकिन अंत तक मृतका के परिजन ससुराल पक्ष के लोगों पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाते रहे।

गर्भ के कारण हुआ दर्द
मृतका के पति सुरेश कुमार का कहना है कि गर्भ के कारण उसकी पत्नी के पेट में दर्द हुआ था। यह देख उसका वह उसे निजी डाक्टर के पास ले गया। जिसने उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पेट के अंदर पल रहे बच्चे की धड़कन कम आई। निजी डाक्टर के पास से वह अंबाला जिले के साहा में एक निजी डाक्टर के पास ले गए। यहां से भी डाक्टर ने उन्हें वापस सिविल अस्पताल यमुनानगर भेज दिया। सिविल अस्पताल में आने के बाद चिकित्सकों ने पत्नी की हालत गंभीर बताते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकोें ने उसे मृत बताया।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें