संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में जाली नोट को असली बनाने की डाई दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह की परतें खुलती जा रही हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड पूर्व सरपंच ऋषिपाल चंडीगढ़ और मोहाली में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन करता था।
गांव में बनी उसकी आलीशान कोठी का इस्तेमाल केवल ठगी के ‘डेमो’ और लेन-देन के लिए किया जाता था। पुलिस की कार्रवाई में बैंक कॉलोनी निवासी विशाल कुमार को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। वहीं, पूर्व सरपंच के मकान पर छापेमारी में डाई, कांच के टुकड़े और रुपये के आकार के सफेद कागजों के 70 पैकेट जब्त किए गए हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह बाहर से लोगों को बुलाता और उन्हें नकली नोट बिल्कुल असली की तरह बनाने का लालच देता था। भरोसा जीतने के लिए दो कांच की प्लेटों के बीच दस सफेद कागज रखकर रबड़ से बांधा जाता और उसे डाई में डालने का नाटक किया जाता था। इसके बाद ‘गर्म पानी में डाई रखने’ की बात कहकर पीड़ितों को दूसरे कमरे में भेज दिया जाता। इसी बीच पहले से तैयार असली नोटों की गड्डी दिखाकर विश्वास और पुख्ता किया जाता था।
गिरोह में पूर्व सरपंच की पत्नी भी शामिल
बताया जा रहा है पूर्व सरपंच ने संगठित तरीके से गिरोह तैयार किया था। उसकी पत्नी भी इस खेल में शामिल थी और असली नोटों को पहले से सजाकर रखने की जिम्मेदारी निभाती थी। छापा मारने के दौरान मुख्य आरोपी भाग निकले। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों की पहचान की जा रही है। चौकी प्रभारी के मुताबिक, पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।