यमुनानगर। ट्विन सिटी (यमुनानगर-जगाधर) की काफी गलियां और सड़कें ऐसी हैं जिन पर स्ट्रीट लाइटें नहीं है। इस कारण शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है। इन स्थानों पर ध्यान देने के बजाय नगर निगम को फोकस उन स्थानों पर है जहां पहले से ही लाइटें लगी हुई हैं।
जिन मार्गों पर पहले से ही चालू हाल लाइटें लगी हैं, वहीं पर करोड़ों खर्च से डेकोरेटिव लाइटें लग रही है। ऐसा ही गोबिंदपुरी रोड (मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर (मधु होटल) चौक से कन्हैया साहिब चौक) और सेक्टर-17 के जिमखाना क्लब रोड पर भी ठीक ऐसा करने की तैयारी है। इन दोनों मार्गों पर 1.74 करोड़ रुपये की लागत में डेकोरेटिव लाइटें लगाने का प्रस्ताव मेयर ने आगामी सदन बैठक के एजेंडे में दिया है। जबकि दोनों मार्गों पर पहले से चालू हालत में लाइटें लगी हैं, इसलिए प्रस्ताव का विरोध कर विपक्षी पार्षद बैठक में रद्द करने की मांग उठाने का मन बना चुके हैं।
बैठक में जताएंगे विरोध
वार्ड-4 से पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि मेयर के दिए गोबिंदपुरी रोड व जिमखाना क्लब रोड पर डेकोरेटिव लाइट लगाने प्रस्ताव से पूर्व ठीक ऐसा जगाधरी के अग्रसेन चौक से रक्षक विहार चौक पर होने के बाद शहीद भगत सिंह (स्टेशन) चौक से जगाधरी के त्रिवेणी चौक व रक्षक विहार से जिला जेल तक हो रहा है। जहां सड़कें पहले से लगी चालू हाल स्ट्रीट लाइटों से रोशन होने के बावजूद डेकोरेटिव लाइटें लगाने पर करोड़ों खर्चे गए या खर्चे जा रहे हैं। ये धन की बर्बादी है, इसलिए अगामी सदन की बैठक में इस पर विरोध जताएंगे।
पहले डार्क जोन हो रोशन
वार्ड-13 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि सदन की बैठक में सुझाव रखेंगे कि पहले से चालू लाइटों से रोशन मार्गों पर डेकोरेटिव लाइटें लगाने पर धन खर्च किए जाने के बजाय इसका इस्तेमाल उन गलियों-सड़कों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने पर हो सकता है, जहां स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं या खराब हालात में हैं।
नई लगी नहीं, पुरानी रिपेयर नहीं
वार्ड-3 से पार्षद हरमीन कोहली ने कहा कि साढ़े तीन साल में एलईडी लाइटें आठ वार्डों में ही लगीं। अन्य वार्डों में न नई लाइटें लगी न खराब हो रही पुरानी लाइटें रिपेयर हो रही हैं। इससे शाम होते ही अधिकांश गलियों व सड़कों में अंधेरा हो जाता है। जिसमें आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ने के साथ लोगों को निकलने में भय रहता है। ये लगातार दीपावली का चौथा अवसर है, जब ऐसे हालात हैं जबकि मामले में सदन बैठक में पार्षद हर बार विरोध दर्ज करा चुके हैं।
पुरानी लाइटें की न निगरानी, न ब्यौरा
वार्ड-8 से पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि जिन मार्गों पर डेकोरेटिव लाइटें लग चुकी हैं, वहां से बिना पार्षदों की निगरानी पुरानी लाइटें उतारी गईं। पुरानी लाइटें कितनी थी और उनमें कितनी चालू व खराब थीं, इसका ब्योरा भी पार्षदों को नहीं मिला। आगामी सदन की बैठक में उतारी जा चुकी और उतारी जाने वाली लाइटों का ब्योरा मांगेंगे, वहीं इस काम पर निगरानी के लिए पार्षदों की कमेटी गठित करने की मांग होगी।
शहर के मुख्य मार्गों पर डेकोरेटिव लाइटें लगाई जा रही हैं। कई मार्गों पर ऐसा हो चुका है, वहीं अन्य मार्ग भी इसमें कवर किए जा रहे हैं। वार्डों में जिन गलियों व सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने व मरम्मत जरूरत है, वहां के लिए भी संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं।
-मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।